उत्तरी-पश्चिमी पाकिस्तान में बारिश से 225 लोगों की मौत

इस्लामाबाद, 16 अगस्त (वार्ता) पाकिस्तान के उत्तरी-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पिछले दो दिनों के दौरान बारिश से संबंधित अलग-अलग दुर्घटनाओं में कुल 225 लोग मारे गए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि 26 जून को मानसून की शुरुआत के बाद से मरने वालों की संख्या बढ़कर 541 हो गई।

बचाव संगठनों के अनुसार मुसलाधार बारिश, अचानक बाढ़ और बिजली गिरने से राज्य के कई हिस्सों में भारी तबाही मची है, जिससे कई लोगों के लापता होने की आशंका है और भारी पैमाने पर विनाश हुआ है। एक स्वयंसेवी संस्था ‘अलखिदमत फाउंडेशन’ के स्वयंसेवक मुहम्मद खालिद ने शिन्हुआ को बताया, “बाढ़ के कारण गांवों में पानी भर गया है जिससे पूरे के पूरे कई परिवार बह गए हैं। लगातार बारिश के कारण हुए भूस्खलन में प्रमुख सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं और दूरदराज के इलाकों तक पहुंचना संभव नहीं रहा।”

एनडीएमए के अनुसार मानसून में यह प्रांत बुरी तरह सबसे अधिक प्रभावित हुआ है जहां बादल फटने से आई बाढ़ ने दो दिनों में कई इलाकों को बहा दिया है। जून के अंत से अब तक 285 लोगों की मौत हो चुकी है। एनडीएमए ने कहा कि पंजाब के पूर्वी पंजाब प्रांत में 164, दक्षिणी सिंघ में 28 और उत्तरी गिलगित-बाल्टिस्तान में 24 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं शेष 40 लोगों की मौत इस्लामाबाद और पाकिस्तान के अन्य प्रांतों में हुई है।

नागरिकों से सतर्क रहने, मूसलाधार बारिश और बाढ़ के दौरान सावधानी बरतने और संवेदनशील क्षेत्रों यात्रा करने से बचने का आग्रह किया गया है। विशेष रूप से पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अगले पांच से छह दिनों तक उत्तरी क्षेत्रों में जाने से बचें।

 

 

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