
विदिशा। 12 दिनों के बाद शनिवार को बादलों ने डेरा डाला और शाम को अचानक बारिश होना शुरू हो गई. बारिश होने से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली तो वहीं फसलों के लिए अमृत बनकर पानी बरसा और किसानों ने राहत की सांस ली।जिले में पिछले 12 दिनों से बारिश थमी हुई थी और किसान और आम जनता पानी गिरने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन शनिवार को शाम होते-होते बादलों ने आसमान पर डेरा डाला और जमकर बरसे.बारिश ने गर्मी और उमस से लोगों को राहत दी। इस दौरान करीब आधा घंटे तक झमाझम बारिश हुई। जिससे किसानों और आम जनता से गर्मी से राहत की सांस ली। वहीं फसलों के लिए पानी अमृत बनकर बरसा और किसानों के चहरे पर खुशी की लहर आ गई. लोगों का कहना है कि बारिश न होने के कारण काफी तेज गर्मी और उमस से काफी परेशानी हो रही थी। बारिश होने से मौसम मे ठंडक आ आने से राहत मिली है तो वहीं किसानों का कहना है कि काफी दिनों से बारिश न होने के कारण फसलों को काफी नुकसान हो रहा था और धान की फसल को अधिक पानी की आवश्यकता होती है. ऐसे में नदी, नालों से मोटर के द्वारा पानी लाकर फसलों को जीवित रखे हुए थे. उन्होंने बताया कि बारिश में काफी समय हो जाने के कारण नाले भी सूख गए थे.बारिश होने से फसलों को जीवनदान मिल गया है. किसानों का कहना है कि बारिश का दौर इसी तरह चलते रहना चाहिए, जिससे फसलों को पर्याप्त पानी मिल सकें और पैदावार अच्छी हो सकें. जिससे किसानों को नुकसान होने से बच सकें. किसानों ने बताया कि कई जगहों पर धान और सोयाबीन को बारिश न होने से नुकसान होने लगा था. इसलिए फसलों को पानी की जरुरत थी.
