नई दिल्ली | दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट आज रेलवे टेंडर घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने पर अपना फैसला सुनाएगी। स्पेशल जज विशाल गोगने इस मामले में आदेश जारी करेंगे, जिस पर कोर्ट ने बीती 13 फरवरी को लंबी बहस के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। गौरतलब है कि इस मामले में ईडी (ED) ने लालू परिवार समेत 16 लोगों को आरोपी बनाया है। यदि आज कोर्ट आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश देता है, तो इस बहुचर्चित घोटाले में नियमित ट्रायल की शुरुआत हो जाएगी, जिससे लालू परिवार की कानूनी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
यह मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव देश के रेल मंत्री थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए रेलवे के रांची और पुरी स्थित दो होटलों (बीएनआर होटल्स) के रखरखाव का टेंडर कोचर बंधुओं की कंपनी ‘सुजाता होटल्स’ को अवैध रूप से दिलवाया था। ईडी की चार्जशीट के अनुसार, इस टेंडर के बदले में लालू यादव के परिवार को पटना में कीमती जमीन के रूप में रिश्वत मिली थी, जिसे लारा प्रोजेक्ट्स और अन्य मुखौटा कंपनियों के जरिए घुमाया गया। जांच एजेंसी ने लारा प्रोजेक्ट एलएलपी, सरला गुप्ता और प्रेमचंद गुप्ता जैसे कई अन्य नामों को भी इस साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग का हिस्सा बनाया है।
इस मामले में सीबीआई (CBI) और ईडी दोनों ने अलग-अलग केस दर्ज किए हैं। 13 अक्टूबर 2025 को कोर्ट ने सीबीआई से जुड़े मामले में पहले ही आरोप तय करने का आदेश दे दिया था, जबकि ईडी वाले मनी लॉन्ड्रिंग केस में आज निर्णय होना है। हालांकि, लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को पूर्व में एक-एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर नियमित जमानत मिल चुकी है, लेकिन आरोप तय होना उनके राजनीतिक करियर और कानूनी बचाव के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। आज का फैसला यह तय करेगा कि मामले की जांच आगे किस दिशा में बढ़ेगी और आरोपियों के खिलाफ मुकदमे की प्रक्रिया कब शुरू होगी।

