भैंसदेही। भैंसदेही पंच कल्याणक स्थल पर भगवान को अर्घ दिया गया जिसमे सभी इंद्र इन्द्राणी उपस्थित थे। विभव सागर महाराज ने कहा की कोई अच्छे कपडे पहनने से धर्मात्मा नहीं होता जिस तरह सूरज की किरणे सब के लिये है उसी तरह धर्म रूपी किरणे भी सभी के लिये है। रावण पाप की भावना रखने वाला पाप को प्राप्त हुआ जो धर्म की रक्षा करता है धर्म उसकी रक्षा करता है। जो गौ की रक्षा करता है वह छत्रिय है जो भी यह पंच कल्याणक देख रहा है उन सभी का कल्याण होगा। आप सभी भक्ति को समर्पित है यह पंच कल्याणक आप सभी का बहुत ही मंगल करेगा क्योंकि यह अनुष्ठान ही मंगल अनुष्ठान है।
धूमधाम से मनाया गजरथ महोत्सव
