वाशिंगटन | पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान संघर्ष का सीधा असर अब अमेरिकी विमानन क्षेत्र पर पड़ने लगा है। अमेरिका की प्रमुख किफायती विमानन कंपनी ‘स्पिरिट एयरलाइंस’ ने अपनी सभी उड़ानें तत्काल प्रभाव से बंद करने का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक नोटिस जारी करते हुए बताया कि शनिवार से सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं और कस्टमर सर्विस भी बंद है। जेट फ्यूल (विमान ईंधन) की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि और बढ़ते परिचालन खर्चों के कारण कंपनी को यह कड़ा कदम उठाना पड़ा है। 34 वर्षों तक कम लागत वाले मॉडल पर सेवा देने वाली इस एयरलाइन के बंद होने से यात्रियों में हड़कंप मच गया है।
स्पिरिट एयरलाइंस पिछले कुछ समय से गंभीर वित्तीय दबाव का सामना कर रही थी। रॉयटर्स के अनुसार, ऋणदाताओं और अमेरिकी सरकार के साथ प्रस्तावित बेलआउट पैकेज को लेकर चल रही बातचीत विफल होने के कारण कंपनी के पास नई पूंजी का अभाव हो गया। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार ने टैक्सपेयर्स के पैसे से अधिग्रहण का एक ‘अंतिम प्रस्ताव’ दिया था, लेकिन समझौता सिरे नहीं चढ़ सका। एयरलाइन ने पिछले दो साल में दो बार दिवालियापन के लिए अर्जी दी थी, लेकिन फंडिंग के सभी प्रयास नाकाम रहे। इस शटडाउन के चलते लगभग 17,000 कर्मचारियों के सामने बेरोजगारी का संकट खड़ा हो गया है।
एविएशन सेक्टर में आए इस बड़े संकट की मुख्य वजह ईरान पर अमेरिका और इजरायल के बीच जारी सैन्य संघर्ष को माना जा रहा है। फरवरी के अंत में शुरू हुए इन हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। ऊर्जा आपूर्ति में आई इस वैश्विक रुकावट ने एयरलाइंस के मुनाफे को पूरी तरह खत्म कर दिया है। वर्तमान में स्पिरिट एयरलाइंस के बुकिंग प्लेटफॉर्म पर अब केवल रिफंड संबंधी जानकारी दी जा रही है। दुनिया भर के विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यदि पश्चिम एशिया में स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो कई अन्य वैश्विक एयरलाइंस भी इसी तरह के आर्थिक संकट की चपेट में आ सकती हैं।

