
भोपाल: मप्र कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, मनमानी गिरफ्तारियों और मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हो रही अनियमितताओं को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की।
पटवारी ने मंडीदीप में एक व्यक्ति के साथ कथित रूप से पेशाब कराने की घटना को “शासन-प्रशासन के पूर्ण पतन” का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा, “एनसीआरबी के आंकड़े साफ दिखाते हैं कि प्रदेश जीरो टॉलरेंस से जीरो कंट्रोल की स्थिति में पहुंच गया है।” उनके अनुसार, बस, रेस्टोरेंट और घर—कहीं भी लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस पर हमले, भ्रष्टाचार और बढ़ते अपराध यह दर्शाते हैं कि “गृह मंत्री पूरी तरह विफल” हैं। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को जवाब देना चाहिए, उन्होंने मांग की।
नरसिंहपुर में कांग्रेस कार्यकर्ता व सामाजिक कार्यकर्ता मंजीत घोषी को एक सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर गिरफ्तार किए जाने को पटवारी ने “अलोकतांत्रिक और तानाशाहीपूर्ण” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने परिवार को गुमराह कर घोषी को चोरी-छिपे दिल्ली ले जाया, जिसे उन्होंने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला कहा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस घोषी और उनके परिवार के साथ खड़ी है और हर तरह की कानूनी व नैतिक सहायता देगी।
वोटर लिस्ट में अनियमितताओं को लेकर पटवारी ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया को जानबूझकर जटिल बनाया गया है, जिसके चलते आम नागरिक परेशान हैं। भोपाल और इंदौर में आधे से अधिक फॉर्म वितरित ही नहीं हुए और कई BLO तक ये फॉर्म पहुंचे ही नहीं। उन्होंने कहा, “डुप्लीकेट, गलत या मृत मतदाताओं के नाम हटाने की बजाय वास्तविक मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं,” और इसे विपक्षी व विशेष वर्ग के मतदाताओं को वंचित करने की साज़िश बताया।
उन्होंने कहा कि BLO पर डाले जा रहे दबाव से “डर और भ्रम का माहौल” बन गया है, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। पटवारी ने कहा, “मध्य प्रदेश की जनता अब जाग चुकी है। कानून-व्यवस्था की दुर्दशा, कार्यकर्ताओं पर दमन और वोटर लिस्ट में धांधली—ये सब भ्रष्ट सरकार के अंत की शुरुआत हैं। कांग्रेस जनता के साथ हर कदम पर खड़ी रहेगी।
