मुंबई:भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को मौद्रिक नीति समिति (MPC) की अगस्त 2025 बैठक में ब्याज दरों को लेकर बड़ा फैसला लिया। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, भारत-अमेरिका व्यापार गतिरोध और घरेलू मुद्रास्फीति के दबावों को ध्यान में रखते हुए रेपो दर को 5.5 प्रतिशत पर स्थिर रखने की घोषणा की। यह दर वह ब्याज दर है जिस पर वाणिज्यिक बैंक आरबीआई से अल्पकालिक कर्ज लेते हैं।
आरबीआई ने मौद्रिक नीति रुख को तटस्थ बनाए रखा है, जिससे संकेत मिलता है कि भविष्य में आर्थिक हालात के अनुसार दरों में बदलाव की संभावना बनी रहेगी। रेपो दर में स्थिरता का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा, क्योंकि इससे आवास, वाहन और अन्य खुदरा कर्जों की ब्याज दरों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा।
गवर्नर मल्होत्रा ने बताया कि 2025-26 के लिए जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है। वहीं खुदरा मुद्रास्फीति के अनुमान को घटाकर 3.1 प्रतिशत किया गया है, जो पहले 3.7 प्रतिशत था। यह संतुलन आर्थिक स्थिरता और वृद्धि दोनों को साधने की दिशा में एक प्रयास माना जा रहा है।
