भोपाल: चांद मेरा दिल, पहला नशा और अभी न जाओ छोड़के जैसे गीतों ने शहर के ऐतिहासिक गौहर महल की शाम गुलशन कर दी। गुरुवार से शुरू हुए चार दिवसीय परी बाजार पहले दिन से ही कला, संस्कृति और संगीत में डूबा हुआ नजर आया। कार्यक्रम का आयोजन वूमेन एजुकेशन एंड एम्पॉवरमेंट सोसायटी द्वारा किया गया। परी बाजार के इस छठवें संस्करण का शुभारंभ महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने किया।
आयोजन में शामिल नाबार्ड की सीजीएम सी सरस्वती ने कहा कि परी बाजार भोपाल की संस्कृति को जीवंत रखने का माध्यम है। मंत्री निर्मला भूरिया ने इसे महिला सशक्तिकरण की मिसाल बताया। उनके अनुसार यह मंच हुनरमंद महिलाओं को बाजार से जोड़ने का बड़ा अवसर देता है।उद्घाटन समारोह में इस वर्ष के अनुमा सम्मान के तहत 15 विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। इसी तरह 7 शख्सियतों को लिट्रेटरी और अन्य श्रेणियों के अवॉर्ड प्रदान किए गए।
संगीतमयी शाम ने दर्शकों को लुभाया
शहर के चर्चित रंग बैंड ने शाम होते ही माहौल में खनक भर दी। मो साजिद खान, कीर्ति सूद और मणि सक्सेना ने साहिर, शैलेन्द्र और मजरूह जैसे गीतकारों के प्रसिद्ध गीतों को अपनी आवाज में पेश किया। पूरे सभागार सहित महल के भीतर सुर और संगीत की मधुर गूंज से सराबोर हो उठा।
पहले दिन की प्रस्तुतियों ने साबित किया कि परी बाजार केवल प्रदर्शनी नहीं बल्कि भोपाल की सांस्कृतिक आत्मा का उत्सव है।मेरे पास देवभपका मेटल प्रक्रिया से बने इत्र और खुशबू हैं। इसे तांबें और मिट्टी के बर्तन में तैयार किया जाता है। हर परफ्यूम ऑयल को तैयार होने 40 दिन लगते हैं। इससे पहले इसको तांबे के बर्तन में काली मिट्टी के नीचे 1 से 2 तक दबाकर रखते है। हर खुशबू के लिए प्राकृतिक रूप खेत और जंगलों से सामान इकठ्ठा करते हैं।
मोहम्मद आसाफ खान
मेरे पास हैंडमेड डायरी, बैग्स, की चैन हैं इन सबको हाथों से बनाया है। डायरी के पेज भी हाथों से बनाए है। बैग जो हैं ये कपड़ों को रीसाइकिल करके बनाया गया है। इसके साथ ही अठराह चंगा ये एक गेम है, इसमें पॉकेट भी है। इसमें गोटियां रखकर इसे तय करके कही भी रख सकते हैं। सफर में भी साथ लेकर जा सकते हैं और खेल सकते हैं।
पूनम महतो
