दमोह: पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी थाना प्रभारियों के साथ क्राइम मीटिंग के उपरांत शहर भ्रमण कर कानून व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया.इस दौरान शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और बाजार क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता और गश्त व्यवस्था की जांच की गई. एसपी ने अधिकारियों से स्थानीय अपराध नियंत्रण की रणनीतियों पर चर्चा कर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए. भ्रमण के दौरान एसपी ने यातायात प्रबंधन की स्थिति का भी अवलोकन किया और नागरिकों को यातायात नियमों के पालन हेतु जागरूक किया.
उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा न केवल पुलिस की जिम्मेदारी है बल्कि हर नागरिक का दायित्व है कि वह नियमों का पालन करे. वाहन चालकों से हेलमेट, सीट बेल्ट और निर्धारित गति सीमा का पालन करने की अपील की गई.इस अवसर पर एएसपी सुजीत सिंह भदोरिया, सीएसपी एचआर पांडे,एसडीओपी पथरिया प्रिया सिंधी, हटा प्रशांत सिंह सुमन, डीएसपी सौरभ त्रिपाठी, टीआई कोतवाली मनीष कुमार, टीआई अमित गौतम, यातायात दलबीर सिंह मार्को, देहात थाना प्रभारी, बटियागढ़ रजनी शुक्ला, तेंदूखेड़ा रावेंद्र बागरी, पटेरा धर्मेंद्र गुर्जर, रनेह चंदन सिंह, गैसाबाद प्रियंका पटेल, जबेरा विकास सिंह, तारादेही आलोक, तेजगढ़ अरविंद सिंह, नोहटा अभिषेक पटेल, चौकी प्रभारी जेरठ गोपाल सिंह, बांदकपुर राजेंद्र मिश्रा, सागर नाका रोहित द्विवेदी, कुम्हारी बृजेश पांडे के अलावा और भी थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी और पुलिस बल मौजूद रहा.
इसी क्रम में 1000 लाइफ्स अभियान के तहत एसपी ने स्वयं हेलमेट बांटकर लोगों को सुरक्षा का संदेश दिया.इस पहल का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और जनजागरूकता को बढ़ाना है. पुलिस द्वारा हेलमेट वितरण के साथ ही नागरिकों को इसके महत्व के बारे में बताया गया कि एक छोटा कदम जीवन बचा सकता है.एसपी ने थाना प्रभारियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में यातायात नियमों के कड़ाई से पालन को सुनिश्चित करें और जनता के साथ संवाद कायम रखें. उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि रात्रि गश्त और पेट्रोलिंग को और प्रभावी बनाया जाए ताकि छोटे-बड़े अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके.
दमोह पुलिस की यह संयुक्त पहल अपराध नियंत्रण और सड़क सुरक्षा दोनों ही क्षेत्रों में जागरूकता का सशक्त उदाहरण है.1000 लाइफ्स अभियान के माध्यम से पुलिस प्रशासन न केवल कानून व्यवस्था मजबूत कर रहा है, बल्कि नागरिकों के जीवन की सुरक्षा में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहा है. बता दें कि पुलिस अधीक्षक ने भ्रमण शहर के बस स्टैंड से प्रारंभ किया, जो एवरेस्ट लाज,घंटाघर,बकौली सराफा बाजार,चरआई, अस्पताल चौराहा होते हुए कोतवाली चौक पहुंचकर समाप्त किया. साथ ही सर्किट हाउस भी पहुंचकर पहाड़ी एरिया में बैठकर शराब पीना और दो पहिया वाले वाहन चालको को समझाइस दी
