
झाबुआ।श्रावण मास के अवसर पर शिवगंगा संस्था द्वारा मेरा गांव मेरा तीर्थ संकल्प के साथ 33 कांवड़ यात्राओं का आयोजन किया जा रहा है। अब तक 14 यात्राएं संपन्न हो चुकी हैं, जिनमें 300 गांवों से आए 7,000 से अधिक युवाओं ने भाग लिया। इन युवाओं ने अपने गांवों के शिवलिंगों पर जल चढ़ाकर गांव को तीर्थ बनाने का संकल्प लिया।
शिवगंगा संस्था पिछले 25 वर्षों से भक्ति, सेवा और जल-संवर्धन के माध्यम से गांवों में समृद्धि की दिशा में काम कर रही है। वर्ष 2007 में झाबुआ-अलीराजपुर के 1231 गांवों में शिवलिंग स्थापना के साथ ‘एक शिवालय, एक जलाशय’ का संकल्प लिया गया, जो आज एक अनुकरणीय मॉडल बन चुका है।
तीर्थ गांव की परिकल्पना केवल धार्मिक नहीं, बल्कि जल, जंगल, जमीन, पशुधन और सामाजिक सद्भाव की समग्र समृद्धि का संदेश देती है। पूजा नहीं, सेवा को ही समृद्धि का मार्ग मानकर भील समाज इसे जीवन दर्शन के रूप में अपनाता है।
