भोपाल:मध्यप्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। प्रदेश के ऊपर दो बड़े मानसूनी सिस्टम प्रभावी हैं। विंध्य और बुंदेलखंड अंचलों में इन सिस्टम्स का असर खासा नजर आ रहा है, जहां कहीं-कहीं भारी बारिश की स्थिति बन रही है।मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि वर्तमान में उत्तर-पश्चिम मध्यप्रदेश के पास एक डिप्रेशन बना हुआ है, जो वर्षा प्रणाली को गति दे रहा है। साथ ही मानसून ट्रफ लाइन इस समय प्रदेश के सीधी जिले के पास से होकर गुजर रही है। ये दोनों सिस्टम समंदर से नमी खींचकर मध्यप्रदेश के अंदरूनी हिस्सों तक पहुंचा रहे हैं।
लेकिन इसका सीधा असर विंध्य और बुंदेलखंड अंचलों में देखने को मिल रहा है। रीवा, सतना, सीधी, शहडोल, सिंगरौली जैसे जिलों में भारी वर्षा हो रही है। वहीं बुंदेलखंड के टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और दमोह जैसे क्षेत्रों में झमाझम बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं और जनजीवन प्रभावित हो रहा है।उधर,मालवा और नर्मदांचल क्षेत्रों जिनमें इंदौर, उज्जैन, हरदा, होशंगाबाद और देवास शामिल हैं,वहां बिखरी हुई बारिश का सिलसिला जारी है। खेतों को इससे जीवनदान मिल रहा है और खरीफ फसलों की उम्मीदें फिर से जागी हैं।
मौसम विभाग ने शनिवार को भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। राजधानी में तेज बारिश की कोई संभावना फिलहाल नहीं है, लेकिन बादल बने रहेंगे। वहीं विंध्य और बुंदेलखंड अंचल में आगामी 48 घंटों के भीतर कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा का पूर्वानुमान है।हालांकि मध्यप्रदेश में मानसून जोर पकड़ रहा है, पर उसका असर हर क्षेत्र पर एकसमान नहीं है। राजधानी भोपाल जैसे बड़े शहर अब भी झमाझम बारिश के इंतजार में हैं, जबकि प्रदेश के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्से बारिश से तरबतर हो चुके हैं।
