निष्क्रिय हुए पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) खाते को फिर से सक्रिय करना हुआ आसान; वार्षिक न्यूनतम जमा और जुर्माने के साथ मिलेगी फिर से निवेश की सुविधा, जानें पूरी गाइडलाइन।
नई दिल्ली, 16 जुलाई, 2025 (वार्ता): अगर आपका पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) खाता किसी कारणवश निष्क्रिय हो गया है, तो चिंता की कोई बात नहीं। इसे आसानी से फिर से चालू करवाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए आपको कुछ शुल्क चुकाने होंगे। PPF खाता धारकों के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि अपने बंद पड़े खाते को दोबारा सक्रिय करने की क्या प्रक्रिया है और इसमें कितना खर्च आता है।
PPF खाता निष्क्रिय तब हो जाता है जब खाताधारक लगातार कई वित्तीय वर्षों तक न्यूनतम वार्षिक जमा राशि (वर्तमान में ₹500) जमा नहीं कर पाता है। एक बार खाता निष्क्रिय होने के बाद, आप उसमें आगे कोई निवेश नहीं कर सकते और न ही लोन या आंशिक निकासी जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। अपने निष्क्रिय PPF खाते को फिर से चालू करवाने के लिए, आपको उस बैंक या पोस्ट ऑफिस की शाखा में जाना होगा जहाँ आपका खाता है। आपको सभी बकाया वित्तीय वर्षों के लिए न्यूनतम वार्षिक जमा राशि (₹500 प्रति वर्ष) का भुगतान करना होगा, जिसके लिए खाता निष्क्रिय रहा। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक निष्क्रिय वर्ष के लिए आपको ₹50 का जुर्माना भी देना होगा। उदाहरण के लिए, यदि आपका खाता तीन साल से निष्क्रिय है, तो आपको ₹1500 (₹500 x 3) की बकाया जमा राशि और ₹150 (₹50 x 3) का जुर्माना देना होगा, कुल ₹1650।
निष्क्रिय खाते से नुकसान: ब्याज दर पर प्रभाव नहीं, पर निवेश और निकासी सुविधाएं बाधित; समय रहते सक्रिय करना फायदेमंद
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि खाता निष्क्रिय होने की अवधि के दौरान भी आपके PPF खाते पर ब्याज मिलता रहता है।
हालांकि, आप नए योगदान नहीं कर पाएंगे और खाते से आंशिक निकासी या उसके आधार पर लोन लेने जैसी सुविधाएं बाधित हो जाएंगी, जो कि PPF का एक बड़ा फायदा है। इसलिए, यह सलाह दी जाती है कि यदि आपका PPF खाता निष्क्रिय हो गया है, तो उसे जल्द से जल्द सक्रिय करवा लें ताकि आप उसकी सभी सुविधाओं का लाभ उठा सकें और अपने दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त कर सकें। PPF खाता पुनः सक्रिय होने के बाद, आप उसमें नियमित रूप से निवेश करना जारी रख सकते हैं और अपनी बचत पर कर-मुक्त ब्याज का लाभ उठा सकते हैं।

