
गुना। जिले से लगभग 35 किमी दूर स्थित केदारनाथ धाम को लेकर अब आम श्रद्धालुओं में नाराजग़ी खुलकर सामने आने लगी है। आस्था के इस प्रसिद्ध केंद्र के पट तीन वर्षों से बंद हैं, जिससे हजारों की संख्या में यहां आने वाले भक्त दर्शन और पूजा से वंचित हैं। शुक्रवार को इस विषय पर आमजन का सब्र जवाब दे गया और धर्म रक्षा समिति, कांबड़ यात्रा आयोजन समिति सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं सामाजिक संगठन रैली निकालकर गुना कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। श्रद्धालुओं ने बताया कि केदारनाथ धाम गुना जिले की धार्मिक आस्था का केंद्र है, जहां प्रतिवर्ष श्रावण मास में लाखों भक्तगण पूजा, जलाभिषेक और दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस बार भी 3 अगस्त को 22वीं कांबड़ यात्रा के हजारों यात्री केदारनाथ पहुंचेंगे, लेकिन मंदिर के मुख्य द्वार विगत तीन वर्षों से बंद हैं, जिससे पूजा-पाठ बाधित हो रहा है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि महाशिवरात्रि के मौके पर यहां तीन दिवसीय मेला आयोजित होता है, जिसमें जिला प्रशासन स्वयं व्यवस्थाएं करता है। बावजूद इसके, बीते दो वर्षों से प्रशासन ने किसी भू-वैज्ञानिक रिपोर्ट का हवाला देकर मंदिर परिसर को आमजन के लिए बंद कर दिया है।
सामाजिक संगठनों का कहना है कि यह मंदिर हजारों वर्षों से प्राकृतिक चट्टानों के बीच स्थित है और अब तक किसी प्रकार की कोई चट्टान खिसकने या गिरने की घटना सामने नहीं आई है। ऐसे में प्रवेश द्वार पर ताला जड़ देना न केवल धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ है, बल्कि यह प्रशासनिक अतिरेक भी है।
