मुंबई, 22 जून (वार्ता) अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में सोमवार को डॉलर की मांग बढ़ने से रुपया 30 पैसे टूट गया और कारोबार की समाप्ति पर एक डॉलर 94.63 रुपये का बोला गया।
पिछले कारोबारी दिवस पर भारतीय मुद्रा सात पैसे की मजबूती के साथ 94.33 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुई थी।
रुपये की शुरुआत आज नौ पैसे की गिरावट में 94.42 रुपये प्रति डॉलर पर हुई थी। शुरू में यह 94.25 रुपये प्रति डॉलर तक मजबूत भी हुआ, लेकिन बाद में बाजार में डॉलर की मांग आने से भारतीय मुद्रा पर दबाव बढ़ा।
बीच कारोबार में एक समय 94.76 रुपये प्रति डॉलर तक गिरने के बाद अंत में रुपया 94.63 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के सूचकांक में डॉलर में रही मजबूती से भी भारतीय मुद्रा पर दबाव बना। कच्चे तेल में हालांकि रही नरमी के कारण इसकी गिरावट कम रही। लंदन का ब्रेंट क्रूड वायदा आज सवा दो फीसदी टूटकर 79 डॉलर प्रति बैरल से नीचे उतर गया। एलकेपी सिक्योरिटीज में कॅमोडिटी और मुद्रा के अनुसंधान विश्लेषक जतिन त्रिवेदी के अनुसार, मजबूत डॉलर के कारण रुपया कमजोर हुआ है। कच्चे तेल में नरमी से सामान्यतः रुपया मजबूत होना चाहिये, लेकिन डॉलर सूचकांक के 100.85 पर पहुंचने से भारतीय मुद्रा दबाव में आ गयी।
श्री त्रिवेदी ने कहा कि कॅमोडिटी बाजार में रही तेजी का असर भी रुपये पर देखा गया। आने वाले समय में भी मुद्रा बाजार में निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमत, डॉलर सूचकांक और विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी।
