
जबलपुर। अनुमान लगाया जा रहा था कि हाल ही में राज्य सरकार द्वारा चालू किया गया संपदा :2 का पोर्टल अपनी संपत्तियों की रजिस्ट्री कराने वालों के लिए मददगार साबित होगा और समय की बचत के साथ उन्हें अपनी-अपनी संपत्तियों की रजिस्ट्रियां कराने में आसानी होगी, लेकिन फिलहाल ऐसा कुछ ही ई संपदा कार्यालय जबलपुर में होता नहीं दिखाई दे रहा है।
जानकारी के अनुसार बीते दो दिनों में ई संपदा कार्यालय में स्थित सर्वर रूम में फॉल्ट आने से नेटवर्क व सर्वर चला गया था जिस कारण रजिस्ट्री कराने में लोगों में काफी इंतजार करना पड़ा और जब इंतजार खत्म हुआ, फॉल्ट सहीं हुआ तो धीमे सर्वर ने दोबारा लोगों को परेशान किया। ये पहली बार नहीं हुआ है कि संपदा 2 के पोर्टल का सर्वर धीमा हुआ हो इसके पहले भी कई बार सर्वर स्लो हो चुका है जिस कारण भीषण गर्मी में लोगों को कार्यालय में घंटों इंतजार करना पड़ा है। अब देखना होगा कि ई संपदा कार्यालय में संपदा-2 के सॉप्टवेयर की परमानेंटली मरम्मत जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा किस तरह की
जाती है क्योंकि बुजर्ग से लेकर कई महिलाएं भी इस गर्मी के मौसम में ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट लेकर अपनी-अपनी संपत्तियों की रजिस्ट्रिी कराने ई संपदा कार्यालय पहुंच रहीं हैं। ऐसे में जब उन्हें पता चलता है कि सर्वर धीमा है और जिम्मेदार सीट पर बैठे अधिकारी भी खुद मजबूर हैं रजिस्ट्री करने में, तो वे मायूस हो रहे हैं।
अप्रैल माह में 2200 रजिस्ट्रियां हुईं
जानकारी के अनुसार संपत्ति के रजिस्टे्रशन के लिए विगत 1 अप्रैल से शुरू की गई संपदा -2 पोर्टल की अनिवार्यता के चलते अप्रैल माह में 2200 के आसपास संपत्तियों की रजिस्ट्रियां हो चुकीं हैं जिससे करीब 19 करोड़ रुपए का राजस्व शासन को अर्जित हुआ है। ये आंकड़ा ई संपदा जबलपुर कार्यालय से हाल ही में प्राप्त हुआ है।
ठीक ढंग से जिम्मेदारों को समझ नहीं आया नया सॉफ्टवेयर
खबर है कि सर्विस प्रोवाईडरों ने मांग रखी थी कि जिस प्रकार पहले माार्च तक दोनों पोर्टल पर रजिस्ट्री करने की सुविधा थी उसको तब तक जारी रखना था जब तक नए पोर्टल संपदा 2 की जटिल समस्याएं दूर न हो जाएं इससे रजिस्ट्रियों का आंकड़ा और अधिक बढ़ता और शासन को राजस्व में अधिक फायदा होता। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। कुछ सर्विस प्रोवाईडरों का तो ये भी कहना है कि संपदा कार्यालय में पदस्थ जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों को ई संपदा 2 का नया सॉफ्टवेयर ठीक ढंग से समझ ही नहीं आया है। विदित हो कि शासन द्वारा सरकारी कार्य व संपत्तियों की रजिस्ट्रियों में पारदर्शिता के उद्देश्य से संपदा-1 सॅाफ्टवेयर को बंद करके 1 अप्रैल से अनिवार्य रूप से संपदा -2 सॉफ्टवेयर लांच किया था।
