जबलपुर: सिविल लाइन निवासी एक बुजुर्ग को साइबर ठग ने स्वयं को जांच एजेंसी का अधिकारी बताते हुए मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 14, 94, 000 की मोटी रकम ऐंठ ली। साइबर ठग ने पीडि़त को डराया था कि उनके खाते में देशविरोधी पैसा आया है। पुलिस ने पीडि़त की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, सिविल लाइन स्थित अप्सरा अपार्टमेंट के निवासी राफेल जैकब (61) को अज्ञात साइबर ठग ने फोन किया। कॉल करने वाले ने बेहद पेशेवर अंदाज में बात करते हुए कहा कि उनके नाम पर केनरा बैंक में एक फर्जी खाता संचालित हो रहा है। ठग ने पीडि़त को डराया कि इस खाते के जरिए बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग की गई है, जिसकी जांच देश की बड़ी एजेंसियां कर रही हैं।
जेल भेजने की धमकी, रकम ऑनलाइन कराई ट्रांसफर-
जालसाज ने कानूनी कार्रवाई और तुरंत गिरफ्तारी का खौफ पैदा कर बुजुर्ग को मानसिक दबाव में ले लिया। उन्होंने केस रफा-दफा करने और खुद को बेगुनाह साबित करने के नाम पर पीडि़त से सरकारी खातों के नाम पर पैसे जमा करने को कहा। घबराहट में आकर राफेल जैकब ने बदमाशों के बताए बैंक खातों में कुल 14 लाख 94 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। रकम हाथ लगते ही आरोपियों ने अपने फोन बंद कर दिए। ठगी का अहसास होने पर पीडि़त ने तुरंत सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने बुधवार को अज्ञात के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर पतासाजी शुरू कर दी है ।
बैंक खातों की खंगाली जा रही डिटेल
पुलिस ने इस हाईप्रोफाइल ठगी की जांच के लिए साइबर सेल की मदद ली है। जिस केनरा बैंक खाते का जिक्र ठगों ने किया था और जिन खातों में पीडि़त ने पैसे ट्रांसफर किए हैं, उनकी डिटेल निकाली जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संदिग्ध बैंक खातों को होल्ड (फ्रीज) कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि पीडि़त की रकम वापस मिल सके।
