अशोकनगर:जिले के ग्राम बरखेड़ा भोगी निवासी दो वर्षीय अरनब अहिरवार के लिए डॉक्टर देवदूत बन गए, जब उसके दिल में छेद के कारण शरीर में ऑक्सीजन की कमी से हालत गंभीर हो गई। स्थिति की जानकारी मिलते ही आरबीएसके मेडिकल ऑफिसर डॉ. सौरभ शर्मा ने नारायण हृदयालय मुंबई से संपर्क कर त्वरित ऑपरेशन का अनुरोध किया। बच्चे की नाजुक हालत को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन और नारायण फाउंडेशन (NGO) ने रातों-रात करीब पांच लाख रुपये की सर्जरी निःशुल्क कर दी।
बताया गया कि बच्चे को जन्मजात हृदय रोग था, जिसकी जानकारी स्वास्थ्य शिविर के दौरान मिली थी, लेकिन परिजनों की लापरवाही से स्थिति बिगड़ गई। जब हालत गंभीर हुई, तब उसे मुंबई भेजा गया, जहां अस्पताल प्रबंधन ने आयुष्मान योजना के दायरे में न आने के बावजूद उपचार किया। कलेक्टर आदित्य सिंह और सीएमएचओ डॉ. अलका त्रिवेदी ने तत्काल अनुमति देकर बच्चे की जान बचाई। फिलहाल अरनब अब स्वस्थ है
