नई दिल्ली | टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पूर्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया की स्थिति बेहद नाजुक हो गई है। मिचेल मार्श की कप्तानी में टूर्नामेंट का आगाज जीत के साथ करने वाली कंगारू टीम को पहले जिम्बाब्वे और फिर सोमवार को श्रीलंका के हाथों करारी शिकस्त झेलनी पड़ी है। श्रीलंका ने ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से हराकर सुपर-8 में अपनी जगह पक्की कर ली है। अब ऑस्ट्रेलिया के पास तीन मैचों में केवल 2 अंक हैं और वह ग्रुप-बी में तीसरे स्थान पर खिसक गई है। बड़े सितारों की कमी और खराब बल्लेबाजी के कारण टीम अब पहले दौर से ही बाहर होने की कगार पर पहुँच गई है।
ग्रुप के मौजूदा समीकरणों ने ऑस्ट्रेलिया की रातों की नींद उड़ा दी है। श्रीलंका के क्वालिफाई करने के बाद अब दूसरे स्थान के लिए जिम्बाब्वे (4 अंक) सबसे मजबूत दावेदार है। मंगलवार 17 फरवरी को जिम्बाब्वे और आयरलैंड के बीच होने वाला मुकाबला ऑस्ट्रेलिया का भविष्य तय करेगा। यदि सिकंदर रजा की कप्तानी वाली जिम्बाब्वे टीम यह मैच जीत लेती है, तो वह 6 अंकों के साथ सुपर-8 में पहुँच जाएगी और ऑस्ट्रेलिया का सफर आधिकारिक तौर पर ग्रुप स्टेज में ही समाप्त हो जाएगा। ऐसे में करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों की नजरें आज होने वाले इस निर्णायक मुकाबले पर टिकी हैं।
ऑस्ट्रेलिया के लिए अगले दौर का रास्ता अब केवल ‘अगर-मगर’ के भरोसे बचा है। कंगारू टीम तभी बच सकती है जब जिम्बाब्वे अपने अगले दोनों मुकाबले (आयरलैंड और श्रीलंका के खिलाफ) हार जाए और ऑस्ट्रेलिया अपने आखिरी मैच में ओमान को बड़े अंतर से हरा दे। ऐसी स्थिति में जिम्बाब्वे, ऑस्ट्रेलिया और आयरलैंड तीनों के 4-4 अंक हो जाएंगे और फैसला नेट रनरेट के आधार पर होगा। हालांकि, मौजूदा फॉर्म को देखते हुए यह नामुमकिन सा लग रहा है। वर्ल्ड कप के इतिहास में यह सबसे बड़ा उलटफेर माना जा रहा है कि एक दिग्गज टीम ग्रुप स्टेज भी पार नहीं कर पा रही है।

