विदिशा: शहर के कई वार्डों में खाली पड़े प्लॉट डेंगू और मलेरिया के प्रजनन स्थल बनते जा रहे हैं. इन प्लॉटों में बारिश और सीवेज का पानी लंबे समय से जमा है, जिससे मच्छरों की संख्या बढ़ रही है. स्थानीय लोग संक्रमण के डर में जी रहे हैं, जबकि प्लॉट मालिकों पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
मलेरिया विभाग ने टीलाखेड़ी सहित विभिन्न क्षेत्रों में 296 घरों का लार्वा सर्वे किया, जिसमें 9 घरों में लार्वा मिला.इन स्थानों पर कीटनाशक दवा डालकर लार्वा नष्ट किया गया. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से पूरे शरीर ढकने वाले कपड़े पहनने, मच्छरदानी का उपयोग करने और बुखार के लक्षण दिखते ही तत्काल जांच कराने की अपील की है.
