
बालाघाट। जिले के तहसील मुख्यालय खैरलांजी का निवासी गरीब युवक प्रसन्नजीत रंगारी पाकिस्तान जेल में 07 साल तक बंद रहने के बाद रिहा कर दिया गया है। रिहाई के बाद उसे वाघा बार्डर पर भारतीय अधिकारियों को सौंपा गया है। प्रसन्नजीत को अमृतसर से खैरलांजी लाने के लिए उसके परिवार ने बालाघाट जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई थी।
कलेक्टर मृणाल मीना ने प्रसन्नजीत के परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए संवेदनशीलता दिखाई और प्रसन्नजीत को अमृतसर से खैरलांजी लाने के इंतजाम कर उसके परिजनों के साथ एक टीम अमृतसर रवाना की थी। यह टीम अमृतसर पहुंच गई है और प्रसन्नजीत को लेकर खैरलांजी के लिए रवाना हो गई है।
प्रसन्नजीत को लेकर इस टीम के आज शाम तक खैरलांजी पहुंचने की संभावना है। प्रसन्नजीत के परिजनों ने इस मदद के लिए बालाघाट जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया है
