भोपाल: निर्वाचन आयोग के निर्देश पर भोपाल में चल रहा मतदाता सत्यापन सर्वे अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस दौरान मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए लगभग सवा दो लाख फॉर्म-7 आवेदन जमा किए गए हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इनमें से बड़ी संख्या में आवेदन प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दलों द्वारा वास्तविक और स्थानीय मतदाताओं के खिलाफ दाखिल किए गए हैं।
कांग्रेस के अनुसार नरेला विधानसभा क्षेत्र में ही कई वर्षों से निवास कर रहे परिवारों के नाम काटने के लिए करीब 5,000 आवेदन प्रस्तुत किए गए हैं। जांच प्रक्रिया शुरू होने और नोटिस जारी होने के बाद प्रभावित परिवारों में अपने मताधिकार और स्थानीय पहचान खोने को लेकर भय का माहौल है।कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला के नेतृत्व में पीड़ित नागरिकों ने निशातपुरा थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया और एसीपी अक्षय चौधरी तथा थाना प्रभारी मनोज पटवा को लिखित शिकायत सौंपते हुए प्रकरण दर्ज करने की मांग की।
शुक्ला ने आरोप लगाया कि भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा झूठे और मनगढ़ंत आधार पर शिकायतें कर लक्षित तरीके से मतदाता सूची से नाम हटवाने की साजिश की जा रही है। उन्होंने इसे जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और भारतीय न्याय संहिता के तहत गंभीर अपराध बताया। पुलिस ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कर निर्वाचन आयोग को रिपोर्ट भेजने का आश्वासन दिया है।
