
सौसर। क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना को लेकर प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी नववर्ष के पहले शनिवार को लोधीखेड़ा से सुप्रसिद्ध चमत्कारिक हनुमान मंदिर जामसांवली तक भव्य पदयात्रा का आयोजन किया गया। शनिवार को आयोजित इस यात्रा में भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला, जिसमें हजारों की संख्या में महिला, पुरुष और युवा श्रद्धालु शामिल हुए।
11 किमी पैदल चलकर पहुंचे बाबा के दरबार
लोधीखेड़ा से शुरू हुई यह पदयात्रा लगभग 11 किलोमीटर की दूरी तय कर जामसांवली पहुंची। यात्रा के दौरान पूरा मार्ग जय श्री राम और जय हनुमान के जयकारों से गूंज उठा। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नजर नहीं आई। रास्ते में जगह-जगह सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों द्वारा पुष्प वर्षा कर एवं स्वल्पाहार वितरित कर पदयात्रियों का आत्मीय स्वागत किया गया।
राहुल मोहोड़, विधायक विजय चौरे ने बढ़ाया उत्साह
भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री राहुल मोहोड़ और क्षेत्रीय विधायक विजय चौरे ने भी इस पदयात्रा में विशेष रूप से शिरकत की। उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ पैदल चलकर उनका हौसला बढ़ाया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ऐसी धार्मिक यात्राएं समाज में एकजुटता और सेवा भाव का संचार करती हैं।
दर्शन के लिए रहीं विशेष व्यवस्थाएं
भारी भीड़ को देखते हुए जामसांवली मंदिर समिति द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए थे। पौष पूर्णिमा को देखते हुए पदयात्रियों को श्रीमूर्ति के सुलभ दर्शन हो सकें, इसके लिए समिति ने विशेष कतार और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की थी। दर्शन के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद का भी वितरण किया गया।
श्रद्धा का जनसैलाब: पौष पूर्णिमा पर जाम सांवली में उमड़े भक्त
शनिवार को पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर सुप्रसिद्ध चमत्कारिक जाम सांवली हनुमान मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। कल रात से ही मंदिर परिसर जय श्री राम और जय हनुमान के जयघोष से गुंजायमान रहा। न केवल प्रदेश, बल्कि पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु हनुमान जी के दर्शन के लिए पहुंचे।
विशेष श्रृंगार और महाआरती
पौष पूर्णिमा के उपलक्ष्य में हनुमान जी की लेटी हुई प्रतिमा का विशेष अभिषेक कर आकर्षक चोला चढ़ाया गया। फूलों और बिजली की लड़ियों से पूरे मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया गया था। सुबह की मंगल आरती में शामिल होने के लिए भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं, जो मंदिर परिसर से बाहर मुख्य मार्ग तक पहुँच गई थीं।
प्रशासनिक व्यवस्थाएं रहीं चाक-चौबंद
भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर ट्रस्ट और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। बैरिकेड्स लगाकर श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित तरीके से दर्शन कराए गए। इसी तरह यातायात को लेकर मंदिर की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों के दबाव को देखते हुए जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया था।साथ ही भक्तों के लिए पेयजल और महाप्रसाद की विशेष व्यवस्था मंदिर समिति द्वारा की गई थी।
