टीवी क्वीन पहले अपनी आइकोनिक सीरीज को दोबारा प्रसारित करने से हिचक रही थीं; दर्शकों की मांग और नए प्लेटफॉर्म्स की पहुंच बनी ‘हां’ कहने की मुख्य वजह।
मुंबई, 11 जुलाई, 2025 (नवभारत): भारतीय टेलीविजन की सबसे प्रभावशाली निर्माता और ‘टीवी क्वीन’ के नाम से मशहूर एकता कपूर अपनी ऐतिहासिक सीरीज ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ को फिर से लॉन्च करने के पक्ष में नहीं थीं। यह शो, जिसने टेलीविजन के इतिहास में कई रिकॉर्ड तोड़े और दर्शकों के दिलों पर दशकों तक राज किया, आखिर क्यों एकता के लिए दोबारा शुरू करने का एक कठिन निर्णय था? और फिर किन वजहों से उन्होंने इस आइकॉनिक सीरीज को दोबारा दर्शकों के सामने पेश करने की मंजूरी दी?
एकता कपूर हमेशा से अपने काम को आगे बढ़ाने और नए कॉन्सेप्ट्स पर ध्यान केंद्रित करने में विश्वास रखती हैं। उनके लिए अपनी किसी पुरानी हिट को दोबारा दिखाना ‘आगे बढ़ने’ के बजाय ‘पीछे मुड़कर देखने’ जैसा था। सूत्रों के अनुसार, एकता का मानना था कि एक बार जो जादू हो चुका है, उसे दोबारा बनाना मुश्किल है, और वह दर्शकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने को लेकर चिंतित थीं। उन्हें डर था कि पुरानी यादों को फिर से ताजा करने की कोशिश कहीं मूल शो की विरासत को नुकसान न पहुँचा दे। यही वजह थी कि वह अपनी इस सबसे बड़ी हिट को फिर से प्रसारित करने से हिचक रही थीं।
दर्शकों की जबरदस्त मांग और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की पहुंच बनी मुख्य प्रेरणा
एकता कपूर के ‘हां’ कहने के पीछे मुख्य वजह दर्शकों की जबरदस्त और लगातार बढ़ती मांग थी।
पिछले कुछ वर्षों में, सोशल मीडिया और विभिन्न ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ को फिर से दिखाने की मांग लगातार बढ़ रही थी। पुराने दर्शक अपनी यादें ताजा करना चाहते थे, और नई पीढ़ी भी यह समझना चाहती थी कि आखिर इस शो में ऐसा क्या था जिसने इसे इतना लोकप्रिय बनाया। इसके अलावा, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और सैटेलाइट चैनल्स पर री-रन की बढ़ती लोकप्रियता ने भी एकता को यह कदम उठाने पर विचार करने पर मजबूर किया। उन्होंने महसूस किया कि अब एक बड़ा दर्शक वर्ग है जो पुराने क्लासिक शोज को नए सिरे से देखना चाहता है। आखिरकार, दर्शकों के अथाह प्यार और बदलती मीडिया परिदृश्य को देखते हुए, एकता कपूर ने ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ को दोबारा लॉन्च करने का फैसला किया, जिससे एक बार फिर तुलसी और मिहिर की कहानी घर-घर पहुंच सके।

