छतरपुर। जिले में कृषि को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए प्रशासन लगातार काम कर रहा है। कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देशन में विशेष अभियान चलाते हुए स्मार्ट सीड ड्रिल, सुपर सीडर और हैप्पी सीडर के लिए 135 किसानों के प्रकरण पंजीकृत किए गए थे। इसी अभियान का परिणाम है कि जिले के सात किसान सुपर सीडर का लाभ लेकर रबी सीजन में चना व गेहूं की बोनी नरवाई में आग लगाए बिना कर रहे हैं।
इसी क्रम में ग्राम रजपुरा, विकासखंड बड़ामलहरा के किसान काशीराम यादव जिले के चौथे किसान बने हैं जिन्होंने सुपर सीडर का उपयोग कर चने की बोनी कराई। उप संचालक कृषि डॉ. रवीश सिंह ने स्वयं उनके खेत पर जाकर सुपर सीडर का अवलोकन किया और चना मिनीकिट की बोनी अपने समक्ष कराई।
काशीराम यादव ने बताया कि उन्होंने अनुदान योजना के तहत सुपर सीडर के लिए पंजीयन कराया था। उन्हें 2 लाख 80 हजार रुपए कीमत की मशीन पर 1 लाख 20 हजार रुपए का अनुदान मिला। इस यंत्र से एक हेक्टेयर में रबी फसल की बुवाई के लिए दो बार जुताई की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत होती है। इसके साथ ही एक सिंचाई, लगभग 25 किलो बीज और करीब 10 से 12 हजार रुपए की लागत की भी बचत होती है।
सुपर सीडर से खाद और बीज समान दूरी पर गिरते हैं, जिससे पौधों की संख्या संतुलित रहती है और फसल का विकास बेहतर होता है। नरवाई जलाने की जरूरत खत्म होने से खेत की उर्वरता भी सुरक्षित रहती है। जिले में इस तकनीक को अपनाने वाले किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
