सतना: शहर के कोलगवां थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह एक शिकायत ने पुलिस और स्कूल प्रशासन में हड़कंप मचा दिया। शिकायत थी कि यूरो किड स्कूल से एक बच्चे के अपहरण की कोशिश की गई। हालांकि, कुछ घंटों की जांच के बाद यह मामला महज एक गलतफहमी निकला। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की तह तक पहुंची और पाया कि यह पूरी घटना एक कर्मचारी की अज्ञानता और गलत स्कूल में पहुंचने की वजह से हुई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कोलगवां थाने में सोमवार सुबह दिलीप मोर्डिया ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके पोते, जो यूरो किड स्कूल में पढ़ता है, को एक अज्ञात व्यक्ति लेने पहुंचा था। सुबह करीब 10 बजे यह व्यक्ति स्कूल पहुंचा और स्कूल स्टाफ को बताया कि बच्चे की मां ने उसे भेजा है। स्कूल की शिक्षिका ने तुरंत बच्चे की मां से संपर्क किया तो मां ने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी को भी स्कूल नहीं भेजा। इस जानकारी के बाद अपहरण की आशंका जताते हुए दिलीप मोर्डिया तुरंत कोलगवां थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की त्वरित जांचशिकायत मिलते ही कोलगवां पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल जांच शुरू की। कुछ ही घंटों में पुलिस ने मामले की तह तक पहुंचकर स्थिति को स्पष्ट किया।
स्कूल से आया फोन
जांच में पता चला कि शिकायतकर्ता दिलीप मोर्डिया का एक अन्य परिवार कृपालपुर में रहता है, जिनका एक बच्चा सिंधी कैंप, बाधवगढ़ कॉलोनी स्थित बचपन ए प्ले स्कूल में पढ़ता है। सोमवार को इस बच्चे की तबीयत खराब होने के कारण स्कूल से बच्चे की मां को सूचित किया गया। बच्चे की मां ने अपने एक कर्मचारी को बच्चे को लेने के लिए स्कूल भेजा था।
दूसरे स्कूल पहुंच गया कर्मचारी
कर्मचारी, जो अनपढ़ और अनजान था, गलती से बचपन ए प्ले स्कूल की जगह यूरो किड स्कूल पहुंच गया। संयोगवश, दोनों बच्चों का सरनेम ‘मोर्डिया’ होने के कारण उसने उसी सरनेम के बच्चे को बुलाने की कोशिश की। यूरो किड स्कूल की शिक्षिका ने जब बच्चे की मां से संपर्क किया तो गलतफहमी सामने आई। इस बीच, कर्मचारी डर के मारे मौके से भाग निकला, जिससे मामला और उलझ गया।
