दो दिन से धुलाई, गुटखा के नही छूट रहे जिद्दी दाग

सिंगरौली 5 अक्टूबर। जिले में आगामी 10 अक्टूबर से दिसम्बर महीने तक तम्बाकूयुक्त गुटखा, पानमसाला व सिगरेट जैसे नशा से दूर रहने के लिए विशेष अभियान चलने वाला है। लेकिन जिला चिकित्सालय परिसर गुटखा, पान के पीक से जगह-जगह ऐसे दाग लगे हैं कि दो दिन से रगड़-रगड़ कर धुलाई कराने के बाद भी दाग नही छूट रहे हैं।

गौरतलब है कि राज्य सरकार के द्वारा तम्बाकूयुक्त गुटखा, सिगरेट, बीड़ी व पानमसाला से मुक्त कराने के लिए आगामी 10 अक्टूबर से विशेष अभियान चलने वाला है और यह अभियान दिसम्बर महीने तक चलेगा। सरकार तम्बाकू मुक्त अभियान को काफी गंभीरता से लिया है। इसके लिए जिला चिकित्सालय में अलग से परामर्श केन्द्र बनाएं जाएंगे। ताकि जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर में आने वाले मरीज एवं उनके परिजनों को तम्बाकू मुक्त अभियान में समझाइस दी जा सके। साथ ही तम्बाकू से होने वाले नुकसान के बारे में भी बताया जाएगा। किंतु जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर में जहां करीब 40 फीसदी पुरूष स्वास्थ्य कर्मी तम्बाकू युक्त गुटखा एवं पान मसाला का उपयोग करते हैं, साथ ही यहां पर आने वाले मरीज भी किसी से कम नही हैं। आलम यह है कि जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर के सीढ़ियों के ईर्दगिर्द एवं लिफ्ट के फस्ट प्लोर के समीप, इमरजेंसी गेट के सामने व बगल, मेन गेट के ठीक सामने, प्रसव कक्ष के गैलरी निकासी के कोना के साथ-साथ जिला चिकित्सालय सह ट्रामा भवन के अधिकांश कोना को थूकदान बना दिया है। हालात को देखकर खुद लोगों को घिन आने लगती है। यह समस्या आज से नही, जब से अस्पताल भवन बना है, तब से है। लेकिन कोई रोकने-टोकने वाला नही है और ना ही गुटखा खाकर थूकने वालों पर जुर्माना व अर्थदण्ड भी तय नही किया है। लिहाजा गुटखा-पान मसाला खाकर थूकने वाले जरा सा भी परहेज नही करते। यदि सीसीटीव्ही फुटेज के माध्यम से तलाश कर जुर्माना व अर्थदण्ड लगना शुरू हो जाये तो कुछ हद तक गुटखा, पान मसाला के सेवन से राहत मिल सकती है।

कभी भी पहुंच सकते हैं डीएम, जिद्दी दागों की दो दिन से धुलाई

नवागत कलेक्टर गौरव बैनल जिले में पदभार ग्रहण कर लिये हैं। कलेक्टर का किसी भी क्षण जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर में दौरा हो सकता है। इस बात को लेकर जिला चिकित्सालय के स्वास्थ्य अमले में चर्चाएं भी जोर-शोर से है। वहीं नवागत कलेक्टर के कड़े तेवर को देख जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर की साफ-सफाई भी की जा रही है, लेकिन अस्पताल के कोने-कोने में गुटखा पान खाकर थूकने से दिवाल एवं फ र्स रंग गये हैं और इनकी धुलाई बीते दिन शनिवार के सुबह से ही जारी है, लेकिन गुटखा के जिद्दी दाग छोड़ने के नाम नही ले रहे हैं। रगड़-रगड़ कर धुलाई के बाद भी दिवालों व फर्स में दाग पर्याप्त दिख रहे हैं। धुलाई के पहले दिवालों एवं फ र्स की स्थिति क्या रही होगी, एक अनुमान लगाया जा सकता है।

40 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मी गुटखा के प्रेमी

तम्बाकू , गुटखा, सिगरेट का सेवन करने वाले स्वास्थ्य सेवक कम नही हंै। दूसरो को भले ही तम्बाकूयुक्त पदार्थ सेवन न करने का सलाह देते हैं, लेकिन एक आंकड़े के मुताबिक जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर के तकरीबन 40 फीसदी स्वास्थ्य कर्मी गुटखा, तम्बाकू व सिगरेट के प्रेमी हैं। इसमें शत- प्रतिशत पुरूष वर्ग शामिल हैं। जब खूद ही तम्बाकूयुक्त, गुटखा व सिगरेट का उपयोग कर रहे हैं तो दूसरो को इससे दूर रहने के लिए समझाइस दे पाएंगे और सामने वाला व्यक्ति इनके सलाह को कितने गंभीरता से लेंगे। जिला चिकित्सालय में गुटखा, तम्बाकू एवं सिगरेट से दूरी बनाने वाले लोग इस बात की भी चर्चा जोर-शोर से करते रहते हैं कि नशामुक्ति अभियान तभी सफल होगा, जब कथित स्वास्थ्य कर्मी तम्बाकूयुक्त नशा से दूरी बनाएंगे।

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