हैदराबाद | बॉलीवुड सुपरस्टार संजय दत्त अभिनीत बहुचर्चित फिल्म ‘आखिरी सवाल’ अपनी रिलीज के बाद से ही लगातार सुर्खियों में बनी हुई है, और अब इस फिल्म के खाते में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ने जा रही है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में फिल्म पर लगे कड़े प्रतिबंध और देश के भीतर चल रही कानूनी कूटनीति के बीच, इस फिल्म को राष्ट्रपति भवन में प्रदर्शित करने का गौरवपूर्ण फैसला लिया गया है। रविवार की शाम को राष्ट्रपति भवन के विशेष सभागार में इस फिल्म की एक हाई-प्रोफाइल स्क्रीनिंग आयोजित की गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम की तैयारियां पिछले कई दिनों से बेहद कूटनीतिक और गोपनीय तरीके से चल रही थीं, जिसमें राजनीति और कला जगत की कई नामचीन हस्तियों के शामिल होने की खबर है, हालांकि मेहमानों की आधिकारिक सूची को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
यह फिल्म अपनी बेबाक कहानी, कूटनीतिक पटकथा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े कुछ बेहद संवेदनशील व ऐतिहासिक संदर्भों को लेकर रिलीज के पहले से ही विवादों के घेरे में है। बीते 15 मई को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म के खिलाफ भारत की एक अदालत में जनहित याचिका (PIL) भी दायर की गई है। वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, यूएई (UAE) के सेंसर बोर्ड ने फिल्म को अपने देश में रिलीज करने की अनुमति देने से पहले मेकर्स के सामने कई कड़े कूटनीतिक बदलावों और दृश्यों को काटने (सेंसर कट) का प्रस्ताव रखा था। फिल्म के निर्माताओं ने कलात्मक स्वतंत्रता का हवाला देते हुए इन बदलावों को मानने से साफ इनकार कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप खाड़ी देशों के सेंसर बोर्ड ने फिल्म के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया।
विवादों की आग में घिरी होने के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की कमाई में दूसरे दिन थोड़ा उछाल जरूर देखा गया है, लेकिन कुल प्रदर्शन अभी भी उम्मीद के मुताबिक नहीं माना जा रहा है। कूटनीतिक रूप से आंकड़ों का विश्लेषण करने वाली संस्था सैकनिल्क की डिजिटल रिपोर्ट के अनुसार, ‘आखिरी सवाल’ ने अपने ओपनिंग डे (शुक्रवार) पर देश भर में केवल 40 लाख रुपये का बेहद धीमा कलेक्शन किया था, जबकि शनिवार को इसके बिजनेस में बढ़ोतरी दर्ज की गई और फिल्म ने 75 लाख रुपये की कमाई की। शुरुआती दो दिनों के भीतर इस फिल्म ने देश भर के लगभग 3,929 शोज़ के माध्यम से कुल 1.38 करोड़ रुपये का ग्रॉस और 1.15 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन दर्ज किया है, और मेकर्स को उम्मीद है कि राष्ट्रपति भवन की स्क्रीनिंग के बाद फिल्म के कूटनीतिक कलेक्शन में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।

