
बैतूल। बैतूल जिला जेल की महिला बैरक में आज उस समय हड़कंप मच गया, जब पति की हत्या के आरोप में बंद एक विचाराधीन महिला कैदी ने कांच की चूड़ियां पीसकर निगल लीं।
महिला की हालत बिगड़ने पर जेल प्रशासन ने उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए भोपाल रेफर कर दिया गया।
जेल अधिकारियों के अनुसार, घोघरी निवासी पूनम उईके (21) पिछले करीब ढाई महीने से जिला जेल में बंद है। वह सुबह करीब 11 बजे महिला बैरक में मौजूद थी, जहां उसके साथ 18 अन्य महिला कैदी भी थीं। इसी दौरान उसने कांच की चूड़ियों को पीसकर निगल लिया। घटना की जानकारी तब हुई जब उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और उसने असहजता की शिकायत की।
प्रभारी जेलर योगेश शर्मा ने बताया कि महिला को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसके गले के अंदरूनी हिस्से में कांच के टुकड़ों से गंभीर चोट की पुष्टि की। चिकित्सकों ने बताया कि कांच के टुकड़ों से शरीर के अन्य अंगों को नुकसान पहुंचने की आशंका को देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए भोपाल रेफर किया गया है।
जेल प्रशासन के अनुसार, जेल में प्रवेश के समय कैदियों की सघन तलाशी ली जाती है और चूड़ी, कड़ा, धागा तथा अन्य संभावित खतरनाक वस्तुएं उतरवा ली जाती हैं। ऐसे में महिला कैदी के पास कांच की चूड़ियां कैसे पहुंचीं, यह जांच का विषय बन गया है। जेल प्रशासन ने मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी गई है।
पूनम उईके को 18 दिसंबर 2025 को अपने पति राजू उईके की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, उसने कथित तौर पर महाराष्ट्र के तीन युवकों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था और तब से वह न्यायिक हिरासत में है।
जेलर ने प्रारंभिक जांच के आधार पर आशंका जताई है कि महिला ने आत्मग्लानि या मानसिक तनाव के कारण यह कदम उठाया हो सकता है। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि महिला के स्वस्थ होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
इस घटना के बाद जेल प्रशासन ने महिला बैरक की निगरानी बढ़ा दी है और सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया गया है। पुलिस और जेल प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं।
