बेंगलुरु (वार्ता) कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा कराया जा रहा जाति सर्वेक्षण ‘सतही, भ्रामक और दिखावटी घोटाला’ से अधिक कुछ नहीं है।
श्री अशोक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस अभ्यास की वैधता पर सवाल उठाया और कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार पर सार्वजनिक धन का दुरुपयोग करने और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के बहाने जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।
श्री अशोक ने सर्वेक्षण की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए कहा,“यह सर्वेक्षण नहीं, बल्कि घोटाला है।” उन्होंने आरोप लगाया कि घरों से संपर्क करने और डेटा एकत्र करने के बजाय, अधिकारी बिना कोई सवाल पूछे या जाति के बारे में जानकारी एकत्र किए केवल ‘सर्वेक्षण पूरा हुआ’ लेबल चिपका रहे थे।
श्री अशोक ने मुख्यमंत्री को सीधे चुनौती देते हुए पूछा,“इसका क्या उद्देश्य है? यह किसके लिए है?” उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और प्रामाणिकता का अभाव है और सरकार पर जानबूझकर वास्तविक डेटा संग्रह से बचने का आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया कि राज्य ने पिछली जाति जनगणना पर पहले ही 160 करोड़ रुपये खर्च कर दिए थे और अब कथित तौर पर आंतरिक आरक्षण की आड़ में चल रही कवायद पर अतिरिक्त करोड़ों रुपये बर्बाद कर रहा है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पूछा, “यह किस तरह का सामाजिक न्याय है, स्वामी (सर)? कांग्रेस करदाताओं के पैसे को खुलेआम लूटकर दलितों को धोखा दे रही है।”
कांग्रेस सरकार ने अभी तक श्री अशोक की टिप्पणी पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। जाति जनगणना और आंतरिक कोटा विचार-विमर्श को लेकर राज्य में बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच यह नया विवाद सामने आया है।
