बीजिंग, 03 जुलाई (वार्ता) चीन ने गुरुवार को अमेरिका और वियतनाम के बीच हुए हालिया व्यापार समझौते पर चिंता व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि इससे तीसरे पक्ष के हितों को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।
यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा वियतनाम के साथ व्यापार समझौते की घोषणा के बाद आया है जिसमें अमेरिका में वियतनामी निर्यात पर 20 प्रतिशत टैरिफ और वियतनाम होकर भेजे जाने वाले सामान पर 40 प्रतिशत टैरिफ शामिल है।
अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा घोषित व्यापार समझौते का उद्देश्य वियतनाम में अमेरिकी व्यवसायों के लिए समान अवसर उपलब्ध कराना है। व्यापार समझौता वियतनाम को अमेरिकी बाजारों तक पूर्ण पहुंच प्रदान करने में मदद करेगा जिससे अमेरिकी उत्पादों को वियतनाम में शून्य टैरिफ पर प्रवेश मिलेगा।
चीन इस बात से नाराज है कि इस समझौते से उस देश के माल पर 40 प्रतिशत टैरिफ लगेगा जिसका उद्देश्य तीसरे देशों, विशेष रूप से चीन से आने वाले सामानों को वियतनाम के माध्यम से अमेरिका में निर्यात होने से रोकना है।
ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में राष्ट्रपति ने कहा कि यह समझौता बिना किसी टैरिफ के वियतनामी बाजारों को अमेरिकी सामानों के लिए खोल देगा। समझौते के भाग के रूप में वियतनाम ने उन उत्पादों पर 40 प्रतिशत टैरिफ लगाने का भी वादा किया है जो अन्य देशों से आते हैं लेकिन अमेरिका को निर्यात करने के लिए वियतनाम होकर गुजरते हैं।
इससे पहले अमेरिका ने वियतनाम पर 46 प्रतिशत का भारी टैरिफ लगाया था जिससे विभिन्न उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होती।
अमेरिका और वियतनाम के बीच नए व्यापार समझौते पर सहमति बनने के बाद चीनी विदेश मंत्री की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि चीन हमेशा से मानता है कि व्यापार विवादों का समाधान आसपी परामर्श से होना चाहिए और प्रासंगिक वार्ता एवं संधियों के माध्यम से किसी तीसरे पक्ष के हितों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए।
अमेरिका-वियतनाम व्यापार समझौते से वैश्विक व्यापार पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर चिंताएं उत्पन्न हो रही हैं।
