शेयरों में दूसरे दिन भी हल्की गिरावट, अमेरिका-भारत व्यापार समझौते की से पहले निवेशक सहमे हुये हैं

मुंबई, 03 जुलाई (वार्ता) स्थानीय शेयर बाजारों में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से पहले निवेशकों की सतर्कता के बीच बाजार के प्रमुख सूचकांकों में लगातार दूसरे दिन गिरावट के बीच गुरुवार को बीएसई का 30 प्रमुख शेयरों वाला सेंसेक्स गुरुवार को लगभग 170 अंक और एनएसई का निफ्टी 48 अंक की हल्की गिरावट के साथ बंद हुये।
बीएसई का सेंसेक्स कल की तुलना में 170.22 अंक यानी 0.20 प्रतिशत नीचे खिसक कर 83239.47 अंक और निफ्टी 48.10 अंक यानी 0.19 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25405.30 पर बंद हुआ।
बाजार के विश्लेषकों के अनुसार अमेरिका में ट्रम्प सरकार की जवाबी आयात शुल्क पर स्थगन की समय सीमा नौ जुलाई को समाप्त हो रही है और उससे पहले भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) की घोषणा की भी प्रतीक्षा है। ऐसे वातावरण में निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं और धारणा कुल मिला कर मंदी की है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की निरंतर निकासी, रुपये में गिरावट और भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता को लेकर अनिश्चितता के कारण इक्विटी बेंचमार्क ने गुरुवार को शुरुआती सत्र में बढ़त खो दी और काफी कम होकर बंद हुये। साप्ताहिक वायदा एवं विकल्प सौदों की निस्तारण तिथि पर निफ्टी में 200 अंकों के दायरे में उतार-चढ़ाव दिखा।
बीएसई सेसेक्स में 11 शेयर मामूली से लेकर करीब एक प्रतिशत तक के लाभ में बंद हुए जबकि 19 शेयरों घाटे में बंद हुये घाटे में रहे इन शेयरों में गिरावट नाम-मात्र की ही रही।
सेंसेक्स 83540.74 अंकपर खुल कर ऊपर में 83850.09 और नीचे में 83186.74 अंक तक गया था। कल सेंसेक्स 83409.74 पर बंद हुआ था।
सेंसेक्स के लाभ में रहे प्रमुख शेयरों में मारुति 0.98 प्रतिशत, इन्फोसिस 0.51 प्रतिशत, एशियन पेंट्स 0.44 प्रतिशत लाभ में रहे। एनटीपीसी, सनफार्मा, आईटीसी, एम एंड एम, टाटा मोटर, रिलायंस और एचडीएफसी बैंक भी लाभ के साथ बंद हुये। घाटे में बंद शेयरों में टाटा स्टील, आईसीआईसीआई बैंक, अल्ट्रासेमको, टेक महिंद्रा, बीईएल, एक्सिस बैंक, एलएंडटी एचसीएल टेक, भारती एयरटेल, टीसीएस और एसबीआई भी शामिल हैं।
निफ्टी इंडेक्स को 25,505 पर सपाट खुला और 25,384 तक फिसलने के बाद एक समय उपर में 25,587 तक जाकर फिर फिसल गया। बाजार के जानकारों के अनुसार निफ्टी में सत्र के दूसरे भाग के दौरान दिन के उच्च स्तर से सूचकांक में फिर से बिकवाली का दबाव देखा गया, जो अंततः एक सुस्त नोट पर समाप्त हुआ।
क्षेत्रवार, मीडिया, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, हेल्थकेयर और ऑटोमोबाइल में बेहतर प्रदर्शन देखा गया, जबकि पीएसयू बैंक, मेटल और रियल्टी शेयरों में उल्लेखनीय कमजोरी बनी रही।
आशिका इंस्टीट्यूशनल इक्विटी के तकनीकी और डेरिवेटिव विश्लेषक सुंदर केवट ने कहा कि बाजार का मूड सतर्क रहा, क्योंकि निवेशक प्रत्याशित अमेरिका-भारत व्यापार समझौते से पहले इंतजार कराना बेहतर समझ रहे हैं, जिससे समग्र भावना मंद का है।
डेरिवेटिव्स बाजार में 96 स्टॉक बढ़े और 133 गिरे।
बजाज ब्रोकिंग रिसर्च की एक टिप्पणी के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की निरंतर निकासी, रुपये में गिरावट और भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता को लेकर अनिश्चितता के कारण इक्विटी बेंचमार्क ने गुरुवार को शुरुआती सत्र में बढ़त खो दी और काफी कम होकर बंद हुये।
विभिन्न खंडों के शेयरों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। मेटल, रियल्टी, पीएसयू बैंकिंग और टेलीकॉम काउंटरों में दबाव स्पष्ट था, जो 0.5 प्रतिशत से 0.9 प्रतिशत के बीच गिरे। इसके विपरीत, फार्मा, मीडिया, तेल और गैस, ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में खरीदारी की दिलचस्पी देखी गयी, जिसमें 0.3 प्रतिशत से 1.4 प्रतिशत तक की बढ़त देखी गयी। व्यापक बाजार अपेक्षाकृत लचीले रहे, जिसमें बीएसई मिडकैप इंडेक्स सपाट बंद हुआ और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.5 प्रतिशत बढ़ा।

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