
मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर लिया गया सख्त फैसला, जेलों के भीतर मोबाइल और नशीले पदार्थों की बढ़ती घटनाओं के बाद हुआ निलंबन; पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने का लक्ष्य।
चंडीगढ़, 28 जून (नवभारत): पंजाब की भगवंत मान सरकार ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने अभियान को और तेज करते हुए एक बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। सरकार ने राज्य की विभिन्न जेलों में बढ़ती अव्यवस्था और भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद 25 जेल अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री भगवंत मान के सीधे निर्देश पर हुई है, जो राज्य में शासन-प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
सूत्रों के अनुसार, यह सख्त कदम जेलों के भीतर मोबाइल फोन के इस्तेमाल, नशीले पदार्थों की तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों की बढ़ती शिकायतों के बाद उठाया गया है। लंबे समय से पंजाब की जेलें अव्यवस्था और भ्रष्टाचार के गढ़ के रूप में देखी जा रही थीं, जिससे आपराधिक गतिविधियों को जेल के अंदर से ही संचालित करने में मदद मिल रही थी। मुख्यमंत्री मान ने कई मौकों पर यह दोहराया है कि उनकी सरकार किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी, और यह निलंबन उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस कार्रवाई से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है और यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि लापरवाही और मिलीभगत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जेल सुधारों पर सरकार का जोर, भविष्य में और कड़े कदम संभव
इस व्यापक निलंबन में विभिन्न जेलों के बड़े अधिकारियों से लेकर अन्य स्टाफ सदस्य शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य जेल प्रणाली को स्वच्छ और सुरक्षित बनाना है, ताकि अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके और जेलों को सुधार गृह के रूप में कार्य करने योग्य बनाया जा सके।
सरकार ने संकेत दिया है कि भविष्य में भी ऐसे ही कड़े कदम उठाए जाएंगे यदि जेलों में सुधार नहीं होता है। इस ‘ऑपरेशन क्लीन’ को पंजाब में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और जनता के विश्वास को बहाल करने के लिए एक आवश्यक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
