
कटनी। जेल गेट के बाहर पुलिस और वकीलों के बीच जोरदार विवाद हो गया। मामला तब शुरू हुआ जब सिविल ड्रेस में पहुँचे पुलिस अधिकारी ने एक शातिर अपराधी को पकड़ लिया, जो वकीलों से अग्रिम जमानत को लेकर चर्चा कर रहा था।
वकीलों का कहना है कि आरोपी उनके क्लाइंट के रूप में आया था और बातचीत के दौरान पुलिस ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया, जो “पेशेगत कार्य में दखल” है।
वकीलों का आरोप है कि “किसी वकील के केबिन, टेबल या कानूनी चर्चा के दौरान किसी व्यक्ति को पकड़ना गलत तरीका है और यह वकालत के पेशे की गरिमा पर हमला है।”
घटना के दौरान बहस इतनी बढ़ी कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। बताया जा रहा है कि पुलिस टीम को लीड कर रहे प्रभारी ने वकीलों से अभद्रता भी की, जिससे वकील भड़क उठे और नाराज़ वकीलों ने मौके पर मौजूद एक पुलिसकर्मी को पकड़कर जेल गेट के पास ही रोक लिया।
सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी सक्रिय हुए और दोनों पक्षों के बीच समझौते के प्रयास शुरू हुए। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर पुलिस के पेशेवर आचरण और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर दिया है।
