नयी दिल्ली, 09 जुलाई (वार्ता) जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक हुयी जिसमें नमामि गंगे’ कार्यक्रम के अंतर्गत देश भर में नदियों के पुनरुद्धार हेतु प्रौद्योगिकी और नवाचारों के उपयोग पर चर्चा की गयी।
श्री पाटिल की अध्यक्षता में हुयी इस बैठक में नदियों, विशेष रूप से छोटी नदियों के प्रबंधन में प्रौद्योगिकी और नवाचारों के भविष्य पर विस्तृत चर्चा की गयी। बैठक को संबोधित करते हुए श्री पाटिल ने विभिन्न टीमों द्वारा प्रदर्शित सहयोगात्मक भावना, तकनीकी नवाचार और वैज्ञानिक गहराई की सराहना करते हुए इन शोध परिणामों को जमीनी स्तर पर कार्रवाई योग्य बनाने के महत्व पर ज़ोर दिया।
उन्होंने अविरल और निर्मल गंगा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए सभी हितधारकों को इन पहलों के कार्यान्वयन में तेज़ी लाने और महत्वपूर्ण नदी प्रणालियों में इनका विस्तार करने का निर्देश दिया जिससे राष्ट्र का भविष्य स्वच्छ, स्वस्थ और जल-सुरक्षित हो सके।
बैठक में वरुणा नदी पर केंद्रित एक निर्णय सहायता प्रणाली के रूप में लघु नदी प्रबंधन उपकरण की प्रगति प्रस्तुत की गई, जिसे अन्य नदियों और जलग्रहण क्षेत्रों के लिए भी विकसित किया जा सकता है। इस दौरान भूजल पुनःपूर्ति की एक आधुनिक रणनीति, प्रबंधित जलभृत पुनर्भरण पर भी चर्चा की गई। आधार प्रवाह बढ़ाकर नदियों के पुनर्जीवन के लिए वास्तविक समय जल-भूवैज्ञानिक मॉडलिंग का उपयोग करने की योजना साझा की गयी।
