महाकुंभनगर,29 जनवरी (वार्ता) महाकुंभ में मौनी अमावस्या स्नान पर्व के अवसर पर संगम तट के निकट अत्यधिक भीड़ के कारण अखाड़ों के अमृत स्नान में देरी हुयी है और अखाड़ा परिषद ने अब ऐलान किया है कि वे सीमित संख्या के साथ कुछ देर में स्नान के लिये संगम तट पर जायेंगे।
अखिल भारतीय अखाडा परिषद और हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने बताया “ थोड़ी देर में अखाड़े स्नान करेंगे. हमारा प्रयास होगा कि सभी अखाड़े स्नान करें। हम अपने लोगों की संख्या कम रखेंगे।
इस पहले महंत पुरी ने कहा था कि जिस प्रकार से श्रद्धालुओं की भीड़ स्नान के लिए उमडी है और भगदड़ की घटना सामने आई है उससे अखाड़ों ने “अमृत स्नान” काे फिलहाल निरस्त कर दिया है। उन्होंने कहा था कि अखाडों के वहां जाने से स्थिति और भी बिगड सकती है।
गौरतलब है कि मौनी अमावस्या पर्व पर सबसे पहले महानिर्वाणी अखाड़ा स्नान करता है। भीड़ को देखते हुए इस बार सभी अखाडों के पूर्व निर्धारित समय को बदलकर एक घंटा पहले कर दिया गया था।
महाकुंभ के पहले मकर संक्रांति “अमृत स्नान” के लिए महानिर्वाणी और अटल अखाडा ने सबसे पहले 6.15 बजे संगम तट पहुंचकर आस्था की डुबकी लगायी थी। इस बार सभी अखाडों के अमृत स्नान का कार्यक्रम को एक घंटा पहले कर दिया गया था। महानिवर्णी और अटल को चार बजे शिविर से निकलकर 5 बजकर 40 मिनट पर घाट खाली करना था।
आज भी दोनो अखाड़े अमृत स्नान के लिए निकले थे कि मेला प्रशासन के अनुरोध पर अपने छावनी वापस लौट गए। उन्होंने बताया कि उनके देवता और कुछ महामंडलेश्वर आगे निकल गए। देवता स्नान के लिए निकल जाने के बाद वापस नहीं होते उन्हें सुरक्षा देकर स्नान कराया जाएगा।
