नदी बन गई नाला, जानवरों को भी खतरा
जबलपुर: शहर की सीमाओं से लगी परियट नदी का अस्तित्व अब खतरे में पहुंच रहा है। परियट नदी पर डेरियों के गोबर का गंदा पानी भी बहाया जा रहा है। जिसके कारण इस नदी का प्रवाह आगे चलकर रुक जाता है और इस पर गंदगी और मवेशियों के अवशेषों के कारण इसका पानी पूरी तरह से दूषित हो चुका है। इसके अलावा इस नदी तक आसपास के जीव जंतु भी पहुंच जाते हैं उसका दूषित पानी पीने के कारण मवेशियों के ऊपर भी खतरा मंडरा रहा है। परियट नदी को नर्मदा की सहायक नदी भी कहा जाता है। लेकिन अब परियट नदी में डेरियों का गोबर बह रहा है, जिस पर से बहुत अधिक दुर्गंध भी आती है। जिससे यह देखने को मिल रहा है कि परियट नदी अब सिर्फ नदी नहीं एक नाले के रूप में बहती हुई नजर आ रही है।
डेरी संचालकों ने बना लिया नाला
परियट गांव से नजदीक में बहती हुई परियट नदी के आसपास सभी जगह पर डेरियां बनी हुई है। जिसमें हजारों की संख्या में गाय और भैंस का पालन- पोषण किया जाता है। जिससे पूरे जबलपुर शहर में दूध की सप्लाई इन्हीं डेरियों से की जाती है। लेकिन इन डेरी संचालकों द्वारा डेरियों में निकलने वाले गोबर और गंदगी को लगातार परियट नदी में ही बहाया जा रहा है। जिसके कारण परियट नदी में गोबर ही गोबर नजर आता है, गोबरों और गंदगी के कारण इसका बहाव भी रुक गया है और हर जगह दुर्गंध मची रहती है।
नदी का प्रवाह रुका, खतरे में अस्तित्व
परियट नदी में बह रहे अपशिष्ट पदार्थ और गंदगी के कारण पूरी नदी में कई जगह पर कचरा इकट्ठा होता जाता है, और एक जगह पर जाकर रुक जाता है। जिससे नदी का बहाव पूरी तरह से रुक गया है और पानी पूरी तरह से ठहर गया है। वहीं कुछ जगहों से जब पानी को निकलने की जगह मिलती है तो वह भी एक झाग बनकर बहता हुआ नजर आता है। इसके अलावा ठहरे हुए पानी से बहुत गंदी दुर्गंध के साथ मच्छर आदि भी पनप रहे हैं। जिसके कारण इस नदी का पूरी तरह से अस्तित्व खतरे में पड़ गया है और यह एक नाला के सामान बनकर रह जाएगी।
कई जगहों पर इसी पानी से फसलों की सिंचाई
पर्यटन नदी के किनारे जहां-जहां नदी बहती है उसके आसपास कई जगहों पर खेती की जाती है। जिसमें खासतौर पर सब्जियां उगाई जाती हैं जिसकी सिंचाई भी इन्हीं नदियों में बहने वाली पानी से हो रही है। लेकिन परियट नदी में बहाए जा रहे गोबर और अपशिष्ट पदार्थों के कारण इसका पानी पूरी तरह से प्रदूषित होता जा रहा है, इसी प्रदूषित पानी से सब्जियों की सिंचाई होने से लोगों के स्वास्थ्य में भी गहरा असर पड़ सकता है।
