
अशोकनगर/ मुंगावली। स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही और अमानवीयता का मामला बहादुरपुर अस्पताल से विगत दिवस सामने आया था, जहां एक गर्भवती महिला से इलाज के बजाय पैसे मांगे गए। पैसे न देने पर महिला को जिला अस्पताल रैफर कर दिया गया, जहां रास्ते में ग्राम ढूंढेर के पास सड़क पर ही महिला का प्रसव हो गया। गनीमत रही कि ग्रामीणों की मदद से समय पर डिलीवरी हो गई और जच्चा-बच्चा को मुंगावली सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। इस मामले में जहां कलेक्टर द्वारा नर्सिंग ऑफिसर को निलंबित किया है। तो वहीं चिकित्सक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उल्लेखनीय है कि 24 जून की रात्रि में साजुल पारदी पति सुजाल पारदी निवासी खजुरिया चक्क रात्रि 3 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बहादुरपुर में प्रसव पीडा होने पर ईलाज हेतु आई थी। महिला के परिजनों से उपस्थित नर्स सपना कश्यप द्वारा डिलेवरी होने में अधिक समय होने की बात पर उसे जिला चिकित्सालय के लिये रेफर कर दिया गया था। रेफर करने के लिये 108 वाहन की व्यवस्था भी नही करवाई गई। संबंधित महिला के परिजन महिला को निजी वाहन के माध्यम से जिला चिकित्सालय ले जा रहे थे। तभी रास्ते में ही डिलेवरी हो गई।
प्रसूता को धमकाने पति संग अस्पताल पहुंची नर्स:
बहादुरपुर अस्पताल की नर्सिग ऑफिसर द्वारा प्रसूता से अमानवीय व्यवहार करते हुए पैसे न देने पर उसे डिलेवरी के समय जिलाअस्पताल रैफर कर दिया, तो वहीं रास्ते में प्रसव होने का मामला जैसे ही मीडिया में छाया तो गुरूवार को बहादुरपुर अस्पताल की ड्यूटी नर्स सपना कश्यप अपने पति के साथ सिविल अस्पताल मुंगावली पहुंचीं। जहां उसने पीडि़ता व उसके परिजनों को धमकाया। इस दौरान परिजनों ने बताया कि नर्स द्वारा उसे पैसे का प्रलोभन दिया गया और मामले को रफा दफा करने की बात कहीं। वहीं न मानने पर देख लेने की धमकी दी।
घोर लापरवाही मानते हुए कलेक्टर ने किया निलंबित:
बहादुरपुर शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवती महिला के संबंध में घटित घटना क्रम में कलेक्टर आदित्य सिंह द्वारा नर्सिंग ऑफिसर सपना कश्यप को निलंबित किये जाने के आदेश दिए है। साथ ही बहादुरपुर शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ चिकित्सक डॉ. यशवंत सिंह तोमर एमओ को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। कलेक्टर से इस पूरे घटनाक्रम को स्वास्थ्य कार्य के प्रति घोर लापरवाही एवं अनुशासनहीनता बरतना बताया गया है।
