
इंदौर. स्वच्छ भारत मिशन में इस बार करीब 5 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. वहीं इस बार मिशन में नगर निगमों को धार्मिक और पर्यटन स्थल पर सुलभ शौचालय निर्माण कार्य करना अनिवार्य किया है. स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत 1 अक्टूबर 2026 तक सफाई की विभिन्न गतिविधियों संचालित की जाएगी. आने वाले सालों में शहरों को कचरा मुक्त बनाना, खुले में शौच से मुक्ति, मानदंडों ओडीएफ+, ओडीएफ++, वॉटर+ को स्थाई बनाए रखना जैसे कार्य का लक्ष्य तय किया है. स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने के लिए जनभागीदारी के अधिक प्रयास किए जाने पर जोर दिया गया है.
स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के लक्ष्य
स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत प्रदेश में सभी तरह के कचरे का प्रसंस्करण, प्लास्टिक अपशिष्ट और सिंगल यूज प्लास्टिक को चरणबद्ध रूप से कम करना है. संपूर्ण लीगेसी वेस्ट को उपचारित करते हुए सभी शहरों को कचरा मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है. इस मिशन में सीवर्स, सेप्टिक टैंक की सफाई में कर्मचारियों की बजाय मशीनों द्वारा सफाई की व्यवस्था की जाए. शहरी क्षेत्रों में उपयोगी जल को कुएं बावड़ी और तालाब में पानी जाने से पहले साफ करने और पुर्न-उपयोग के लिए सीवेज ट्रीटमेंट इकाई, नालों में इंटरसेप्शन एवं डायवर्जन आदि सुविधाओं का विकास करना है.
