रीवा: प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश मोहन प्रधान के मार्गदर्शन में बाल भवन रीवा मे नालसा बाल मैत्रीपूर्ण विधिक सेवा योजना एवं नालसा वाणिज्यिक एवं र्दुव्यवहार से पीडि़तो हेतु एवं नशा उन्मूलन हेतु विधिक सेवा योजना के अंतर्गत विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
मुख्य अतिथि जिला न्यायाधीश सुधीर सिंह राठौड ने नशे के घातक परिणामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नशा व्यक्ति की सोचने समझने की शक्ति को ही नहीं बल्कि उसके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को भी बुरी तरह प्रभावित करता है.
यह सिर्फ व्यक्ति को ही नहीं बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज से भी अलग-थलग कर देता है. बच्चों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नशा अक्सर अपराध की ओर ले जाता है. इसलिए यदि हम एक स्वस्थ शरीर, मजबूत समाज और उज्जवल भविष्य की कल्पना करते हैं, तो नशे से दूर रहना ही सबसे बुद्धिमानी है.
