नयी दिल्ली, 25 अप्रैल (वार्ता) दूरसंचार विनिमायक प्राधिकरण (ट्राई) के अध्यक्ष अनिल कुमार लाहोटी ने नागरिकों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों के लिए असुविधा पैदा करने वाले तथा धोखाधड़ी करने वाले स्पैम संदेशों और कॉलों से निपटने के लिए एक सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाए जाने की जरूरत पर बल दिया है।
श्री लाहाेटी शुक्रवार को यहां ट्राई के मुख्यालय पर विभिन्न क्षेत्र के विनियामकों की संयुक्त समिति (जेसीओआर) की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बैठक के उद्घाटन भाषण में स्पैम संदेशों और धोखाधड़ी के लिए की जाने वाली काल के इस संबंध में जेसीओआर द्वारा की गई प्रगति तथा भविष्य की चुनौतियों पर प्रकाश डाला गया।
दूरसंचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार बैठक में विभिन्न क्षेत्रों के बीच विनियामक सहयोग की आवश्यकता वाले मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। इसमें अवांछित वाणिज्यिक संचार (यूसीसी)/स्पैम और धोखाधड़ी वाले संचार से निपटने सहित सहयोगात्मक उपायों को तय किया गया।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि व्हाट्सऐप जैसे ओवर दी टॉप (ओटीटी) और आरसीएस (रिच कम्यूनिकेशन सिर्विसेज) संचार प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्पैम और घोटाले के मुद्दे पर चर्चा की गई। इस संबंध में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय हितधारकों के साथ मिलकर पारंपरिक दूरसंचार के लिए उठाए जाने वाले कदमों के अनुरूप कदम उठाएगा।
आज की बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), भारतीय बैठक में बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई), पेंशन फंड विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए), भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी), नागर विमानन मंत्रालय (एमओसीए) और इलैक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईवाईटीवाई) के प्रतिनिधियों सहित जेसीओआर के सदस्यों ने भाग लिया। इनके अतिरिक्त, दूरसंचार विभाग और गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में बैठक में शामिल हुए।
सरकार और वित्तीय क्षेत्र से संबंधित संस्थाओं द्वारा लेन-देन और सेवा वॉयस कॉल करने के लिए विशेष रूप से आवंटित 1600 श्रृंखला नंबरों के कार्यान्वयन के तौर-तरीकों पर चर्चा की गई। समिति के सदस्यों ने समयबद्ध तरीके से इसके कार्यान्वयन में तेजी लाने और नियमित निगरानी के लिए अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर संस्थाओं के साथ इस मुद्दे को उठाने पर सहमति व्यक्त की।
सीओएआई ने विभिन्न समाधानों के बारे में समिति के समक्ष एक प्रस्तुति भी दी, जो किसी संस्था को देश के सभी टीएसपी और एलएसए में प्राप्तकर्ताओं को प्रस्तुत करने के लिए एक 1600 श्रृंखला नंबर कमांड लाइन इंटरफेस (सीएलआई) प्रदान कर सकती है।
डिजिटल सहमति अधिग्रहण (डीसीए) प्लेटफॉर्म पर वाणिज्यिक संदेश भेजने वालों को शामिल करने के तौर-तरीकों पर विचार-विमर्श किया गया। जेसीओआर के सदस्यों ने अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर प्रेषकों/प्रमुख संस्थाओं (पीई) को डीसीए पर शामिल करने के लिए उनके साथ जुड़ने पर सहमति जताई।
विचार-विमर्श के दौरान, I4सी ने धोखाधड़ी वाले संचार और डिजिटल अरेस्ट घोटाले की समस्या से निपटने के लिए विभिन्न उपायों पर चर्चा की। इस संबंध में, स्पैमर्स द्वारा भेजे गए अप्रयुक्त संदेश हेडर और सामग्री टेम्पलेट्स को हटाने, धोखाधड़ी वाले एसएमएस हेडर पर त्वरित कार्रवाई, धोखाधड़ी वाले संदेश भेजने में उपयोग किए गए मोबाइल नंबर/आईएमईआई को ब्लॉक करने आदि जैसे उपायों पर चर्चा की गई। सदस्यों ने इसके कार्यान्वयन के तौर-तरीकों पर आगे भी काम करने पर सहमति व्यक्त की।
