गांधीनगर, (वार्ता) इटली के ट्यूरिन में आयोजित स्पेशल ओलंपिक वर्ल्ड विंटर गेम्स (विशेष ओलंपिक विश्व शीतकालीन खेल) में गुजरात की दो मनोदिव्यांग आशाबेन ठाकोर और पिंकलबेन चौहान खिलाड़ियों ने डंका बजाया है।
सरकारी सूत्रों ने मंगलवार को यहां बताया कि मेहसाणा की आशाबेन ठाकोर और दाहोद की पिंकलबेन चौहान ने ट्यूरिन में फ्लोरबॉल खेल में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को कांस्य पदक दिलाने में अहम योगदान दिया। भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका वाली गुजरात की इन बेटियों ने अपने अद्भुत खेल कौशल से गुजरात और भारत का नाम रोशन किया है।
फ्लोरबॉल हॉकी जैसा एक इनडोर खेल है, जिसे हल्की प्लास्टिक बॉल और विशिष्ट कार्बन फाइबर स्टिक के साथ खेला जाता है। उल्लेखनीय है कि इटली के ट्यूरिन में आठ से 15 मार्च के दौरान स्पेशल ओलंपिक वर्ल्ड विंटर गेम्स का आयोजन किया गया था, जिसमें भारत के 30 एथलीटों ने अलग-अलग खेलों में हिस्सा लिया था, जिनमें से गुजरात की आशाबेन ठाकोर और पिंकलबेन चौहान ने फ्लोरबॉल में शानदार प्रदर्शन किया।
एसएजी द्वारा 2010 से मनोदिव्यांग खिलाड़ियों के लिए स्पेशल खेल महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है: अंतरराष्ट्रीय संगठन स्पेशल ओलंपिक के संदर्भ में, ‘स्पेशल ओलंपिक भारत गुजरात’ स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ गुजरात (एसएजी) द्वारा मान्यता प्राप्त एक नोडल संस्था है। स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ गुजरात की ओर से वर्ष 2010 से दिव्यांग श्रेणी के लिए स्पेशल खेल महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए क्वालीफाई करते हैं और विभिन्न देशों में हर दो साल में आयोजित होने वाले वर्ल्ड गेम्स के लिए उनका चयन किया जाता है।
खेल महाकुंभ ने आशाबेन और पिंकलबेन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ये दोनों खिलाड़ी 2010 से गुजरात सरकार की ओर से आयोजित किए जाने वाले स्पेशल खेल महाकुंभ में न केवल हिस्सा ले रहे हैं, बल्कि विजेता बनकर उभरे हैं।
