जीआरपी डीजीपी ने दिया बहादुरी का इनाम
दस हजार नगद देकर किया सम्मानित
इंदौर:अशोकनगर रेलवे स्टेशन शुक्रवार को जीआरपी आरक्षक ने अपनी सतर्कता और साहस का परिचय देते हुए एक बड़ी दुर्घटना टाल दी थी. इस साहसिक कार्य के लिए डीजीपी ने आरक्षक को दस हजार रुपए का नगद पुरुस्कार देकर सम्मानित किया.रेलवे स्टेशन प्लेट फार्म नम्बर एक पर तैनात जीआरपी के आरक्षक गोविंद सिंह चौहान ने अपनी सतर्कता और साहस का परिचय देते हुए एक बड़ी दुर्घटना टाल दी थी. इस वीरता के लिए पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने उन्हें दस हजार रुपए का नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया.
घटना के समय एक 14 वर्षीय बालिका, जो अपनी मां और भाइयों के साथ यात्रा कर रही थी, ट्रेन में चढ़ते समय असंतुलित होकर प्लेटफार्म और ट्रेन के बीच गिर गई. यह देखते ही आरक्षक गोविंद सिंह चौहान ने बिना देर किए तत्परता दिखाते हुए बालिका को सुरक्षित प्लेटफार्म पर खींच लिया, जिससे उसकी जान बच गई. डीजीपी कैलाश मकवाना ने आरक्षक की बहादुरी को सराहते हुए कहा, रेलवे पुलिस के जवान न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने में बल्कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. ऐसे समर्पित और कर्तव्यनिष्ठ कर्मियों पर पूरे विभाग को गर्व है
