इंदौर: इंदौर शहर में किए गए विकास कार्यों और ग्रांट्स के उपयोग को लेकर भारत के 16वें वित्त आयोग की सदस्य श्रीमती एनी जॉर्ज मैथ्यू, मनोज पांडा, डॉ. सौम्य कांति घोष और ऋत्विक पांडे ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त की.श्रीमती एनी जॉर्ज मैथ्यू ने कहा इंदौर को ग्रांट्स मिली और उनका उपयोग जिस तरीके से हुआ, यह देखकर अच्छा लगा. उन्होंने आगे कहा कि यह तरीका अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श हो सकता है, और यह सीख हम इंदौर से लेकर जा रहे हैं. आयोजन के दौरान, विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्ध नागरिकों ने वित्त आयोग के सदस्यों को कुछ सुझाव दिए, जिन पर विचार करने की बात भी आयोग के सदस्यों ने कही. इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, विधायक रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला (एमआईसी सदस्य) और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
टीमवर्क के साथ करते हैं कामः विजयवर्गीय
कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, इंदौर को जो संस्कार मिले हैं, वह पुरातन संस्कार हैं. हम हमेशा टीमवर्क के साथ काम करते हैं. ब्यूरोक्रेसी, जनप्रतिनिधि और जनता की भागीदारी से इन्दौर लगातार उपलब्धियां हासिल कर रहा है. इस शहर के संवारने में इंदौर की जनता और बुद्धिजीवियों का बहुत बड़ा योगदान है. हमें प्रशासनिक टीम का बहुत अच्छा सहयोग मिला है.विजयवर्गीय ने आयोग से आग्रह किया कि इंदौर और मध्यप्रदेश में विकास की अपार संभावनाएं देखते हुए उदारतापूर्वक फंड आवंटित करें.
भविष्य का शहर है इंदौरः महापौर
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा इंदौर देश के सबसे स्वच्छ शहरों में से एक बना है और इसे बनाए रखना बहुत बड़ी चुनौती है. इंदौर टेक ऑफ के मोड पर है. बैंगलोर, हैदराबाद जैसे शहरों में ग्रीन मोबिलिटी, एआई और डिजिटलीकरण में तेजी से प्रगति हो रही है और भविष्य का शहर इंदौर है.
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले ढाई सालों में इंदौर में एक हजार से ज्यादा पानी और ड्रेनेज लाइनों का निर्माण किया गया है. हमने जनवरी में 75 लाख और फरवरी में 1 करोड़ यूनिट बिजली बचाई है। इंदौर का विकास और जनभागीदारी का मॉडल पूरे देश के लिए प्रेरणादायक हो सकता है.
