मजबूत आपूर्ति श्रृंखला, उच्च गुणवत्ता के लिए काम करें इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग: गोयल

नयी दिल्ली, 24 फरवरी (वार्ता) केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को देश के इलेक्ट्रॉनिक वस्तु विनिर्माण उद्योग से अधिक लचीली आपूर्ति श्रृंखला के विकास , गुणवत्ता मानकों को अद्यतन करने और प्रतिस्पर्धी दरों पर दुनिया को उच्च गुणवत्ता वाले सामान व सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में मिलकर काम करने का आह्वान किया।

राजधानी में इंडियन इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (आईईईएमए) की ओर से आयोजित ‘इलेक्रमा’ के 16वें संस्करण में मुख्य अतिथि के रूप में श्री पीयूष ने अपने संबोधन में प्रतिभागियों से विनिर्माण में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को बेहतर सौदा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करके उपभोक्ताओं की देखभाल करना उद्योग की जिम्मेदारी है। उन्होंने मौजूद उद्योग जगत के नेताओं और प्रतिभागियों से संरक्षणवाद से दूर रहने और उद्योग, खासकर एमएसएमई क्षेत्र के हितों को संतुलित करने पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि एक सीमा के बाद संरक्षणवाद उपभोक्ताओं को नुकसान पहुंचाने लगता है। उन्होंने सलाह दी कि ग्राहकों के साथ-साथ एमएसएमई क्षेत्र के हितों को संतुलित करना इंडस्ट्री की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।

श्री गोयल ने बताया कि देश 2025 में इलेक्ट्रॉनिक सामान का निर्यात मात्रा के आधार पर दूसरे पायदान पर है, जबकि 2015 में यह 167वें पायदान पर था। उन्होंने कहा कि जनवरी, 2025 में अकेले इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का निर्यात तीन अरब डॉलर था। उन्होंने कहा कि भारत को सभी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओंका वैश्विक केन्द्र बनना चाहिए और इस क्षेत्र का निर्यात अगले सात वर्षों में 100 अरब डॉलर तक पहुंचने का लक्ष्य रखना चाहिए।

वाणिज्य मंत्री ने उल्लेख किया कि इलेक्ट्रॉनिक्स गुड्स इंडस्ट्री ने बीते दशक में अपने ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर, नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता और संस्थापित क्षमता को दोगुना कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने देश में 1,800 वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) स्थापित करने में मदद की है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य भविष्य के लिए तैयार कार्यबल विकसित करना और देश में उत्पादित एसटीईएम स्नातकों की उच्च संख्या का लाभ उठाते हुए नवाचार को प्रोत्साहन देना है।

इस आयोजन की मुख्य विषय वस्तु ‘भारत – एक विश्व मित्र’ था जिसमें श्री गोयल ने कहा कि भारत राष्ट्र को एक परिवार के तौर पर देखने में गर्व महसूस करता है, जो दुनिया के सभी देशों के साथ एक दूसरे के साथ निष्पक्ष, न्यायसंगत और संतुलित साझेदारी में काम करना चाहता है। उन्होंने कहा किभारत विकसित दुनिया के साथ मजबूत स्थिति में जुड़ना चाहता है और उन्हें सस्ती कीमतों पर उच्च गुणवत्ता की वस्तुएं और सेवाएं प्रस्तुत करना चाहता है।

मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि सरकार की ‘डिजिटल इंडिया’, ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजाइन इन इंडिया’ और ‘सर्व फ्रॉम इंडिया’ जैसी विभिन्न पहलों के साथ ग्राहकों को स्थानीय उत्पाद खरीदने और व्यवसायों को वैश्विक स्तर पर जाने में योग्य बनाने के प्रयासों से देश के विकास में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा,“अर्थव्यवस्था को बदलने, उच्च गुणवत्ता वाले विनिर्माण और सेवाओं के प्रावधान, नीति निश्चितता और विकास की गति और पैमाने के लिए कार्यबल को प्रशिक्षित करने की सरकार की प्रतिबद्धताओं ने इस मील के पत्थर को जन्म दिया है।”

 

 

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