एसडीआरएफ की टीम ने खोज निकाला, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
सतना :मजदूरी करने के लिए घर से निकला व्यक्ति जब शाम ढलने पर भी वापस घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने खोजबीन शुरु की. गांव के निकट स्थित नहर के किनारे चप्पल मिलने की जानकारी सामने आते ही पुलिस द्वारा एसडीआरफ की मदद से खोजबीन कराई गई. एसडीआरएफ की टीम की कड़ी मशक्कत के चलते नहर से लापता मजदूर के शव को खोज लिया गया. इस मामले में परिजनों द्वारा हत्या का आरोप लगाते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की जा रही है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार अमर साकेत पिता मुंशी साकेत उम्र 35 वर्ष निवासी सेजहटा मजदूरी का काम करते हुए अपने परिवार को पाल रहा था. बुधवार की सुबह वह सतना में जाकर मजदूरी करने की बात परिजनों से बताकर घर से निकला था. लेकिन जब देर शाम हो जाने के बावजूद भी अमर वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने आस पास के क्षेत्र से लेकर रिश्तेदारी में खोज खबर लेनी शुरु की. रात भर तलाश करने के बावजूद भी जब अमर के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली तो हारकर परिजन कोलगवां थाने पहुंचे और गुमशुदगी की शिकायत की. इसके बाद भी परिजनों का मन नहीं माना और वे सभी संभावित स्थानों पर तलाश करने लगे.
इसी दौरान परिवार के कुछ सदस्य जब खोजबीन करते हुए सेजहटा गांव के निकट स्थित नहर के पास पहुंचे तो वहां पर मृतक के एक पैर की चप्पल पड़ी नजर आई. जिसकी सूचना परिजनों ने फौरन ही कोलगवां थाना प्रभारी सुदीप सोनी को दी. जिसके चलते कोलगवां थाने की पुलिस ने एसडीआरएफ की टीम को मौके पर बुला लिया. एसडीआरएफ की टीम ने कड़ी मशक्कत से सर्चिंग करते हुए गुरुवार की शाम लगभग 4 बजे अमर के शव को नहर से खोज निकाला. शव बाहर निकलते ही परिजनों के बीच कोहराम मच गया. वहीं कोलगवां थाने की पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया. लेकिन शाम हो जाने के कारण पोस्टमार्टम नहीं हो सका. लिहाजा वह प्रक्रिया आज सुबह पूरी की जाएगी.
अनाथ हो गए 3 बच्चे
पिता मुंशी का कहना है कि अमर की मौत नहर में गिरने से नहीं हुई है. बल्कि किसी दुश्मन ने उसकी हत्या कर शव को नहर में फेंका है. अमर के सिर के पिछले हिस्से पर गहरा घाव है, जहां से लगातार खून रिस रहा है. इसी कड़ी में पिता ने बिलखते हुए आगे कहा कि बीमारी के चलते अमर की पत्नी का निधन 10 वर्ष पहले ही हो गया था. तब से अमर अपने तीनों बच्चों को पूरी जिम्मेदारी से पाल रहा था. लेकिन अभागे बच्चों के सिर से पहले तो मां और अब पिता का साया भी उठ गया.
