नयी दिल्ली 29 जनवरी (वार्ता) यात्री वाहन बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी मारूति सुुजुकी इंडिया लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष की दिसंबर में समाप्त तीसरी तिमाही में 3525 करोड़ रुपये का शुद्ध एकल लाभ कमाया है जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 3130 करोड़ रुपये के लाभ की तुलना में 12.6 प्रतिशत अधिक है।
कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में कहा कि तिमाही के दौरान उसने पिछले वर्ष की इसी अवधि के 318,60 करोड़ रुपये के मुकाबले 368,02 करोड़ रुपये की अब तक की सबसे अधिक शुद्ध बिक्री दर्ज की।
तिमाही के दौरान कंपनी ने कुल 566,213 वाहन बेचे। घरेलू बाजार में बिक्री 466,993 इकाई रही। कंपनी ने 99,220 इकाइयों का निर्यात किया, जो किसी भी तिमाही में अब तक का सबसे अधिक है। पिछले वर्ष की इसी अवधि में कुल 501,207 इकाइयों की बिक्री हुई थी, जिसमें घरेलू बाजारों में 429,422 इकाइयाँ और निर्यात बाजारों में 71,785 इकाइयाँ शामिल थीं।
इसबीच कंपनी ने एक अन्य फाइलिंग में कहा कि उसके निदेशक मंडल ने सुजुकी मोटर गुजरात को मारूति सुजुकी इंडिया लिमिटेड में विलय करने की योजना को मंजूरी दे दी है। वहीं निदेशक मंडल ने श्री हिसाशी ताकेउची को एक अप्रैल 2025 से तीन साल की अतिरिक्त अवधि के लिए प्रबंध निदेशक (एमडी) एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) के रूप में फिर से नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
मारुति सुजुकी ने शेयर बाजार को अलग से दी सूचना में बताया कि निदेशक मंडल ने 29 जनवरी 2025 को बैठक में 31 मार्च 2028 तक तीन साल की अतिरिक्त अवधि के लिए ताकेउची की एमडी एवं सीईओ के रूप में नियुक्त को मंजूरी दे दी।मारुति सुजुकी ने बुधवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया, “निदेशक मंडल ने 29 जनवरी 2025 को बैठक में 31 मार्च 2028 तक तीन साल की अतिरिक्त अवधि के लिए श्री ताकेउची की एमडी एवं सीईओ के रूप में नियुक्त को मंजूरी दे दी।” श्री ताकेउची को पहली बार एक अप्रैल, 2022 को इन पदों पर नियुक्त किया गया था। उन्होंने केनिची आयुकावा की जगह ली थी जो 31 मार्च 2022 को सेवानिवृत्त हो गए थे। श्री ताकेउची जुलाई 2019 से मारुति सुजुकी के निदेशक मंडल का हिस्सा रहे और अप्रैल 2021 से अपनी पदोन्नति तक संयुक्त प्रबंध निदेशक (वाणिज्यिक) थे। वह 1986 में सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन (एसएमसी) में शामिल हुए। उनके पास एसएमसी के अंतरराष्ट्रीय परिचालन के साथ-साथ विदेशी बाजारों का भी व्यापक अनुभव है।
