एमआर – 12 सड़क में आलयमेंट बदलने का टीएनसीपी को निर्देश
मेट्रो के अधिकारियों को बचे काम जल्दी पूरे करने के आदेश
प्रमुख सचिव ने ली इंदौर सभी विभागीय अधिकारियो क्लास
इंदौर: सुपर कॉरिडोर पर हाईराइज बिल्डिंग की परमिशन देने के साथ इंदौर में विकास नए आयाम स्थापित करने के शुरुआत हो गई है. कल बैठक में प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन संबंधित एजेंसियों को इसके निर्देश दिए है. खास बात यह कि एमआर-12 सड़क में बाधक हटाने और कॉलोनी की परमिशन रिवाइज करने के टीएनसीपी को आदेश दिए.प्रदेश के नगरीय प्रशासन प्रमुख सचिव संजय शुक्ला ने मेट्रो ऑफिस में आईडीए, टीएनसीपी, नगर निगम, हाउसिंग बोर्ड और मेट्रो अधिकारियों के साथ इंदौर के डेवलपमेंट को लेकर बैठक ली।
बैठक में अधिकारियों से जानकारी और सवाल जवाब भी किए और बाधक, समस्याओं के निराकरण का रास्ता भी निकालने की चर्चा की. कल शाम 5 बजे बाद बैठक में सुपर कॉरिडोर के विकास को देखते हुए 5 निजी हाईराइज बिल्डिंग की अनुमति को मंजूरी दी. साथ आईडीए के 22 एकड़ में स्टार्ट अप पार्क की 87.5 ऊंची बिल्डिंग का प्रस्ताव पारित करने के लिए शासन को भेजने का कहा गया. स्टार्ट अप पार्क की अनुमति जल्द जारी करने का भरोसा आईडीए को दिया गया.
भौरासला चौराहे से एमआर-12 सड़क के आलयमेंट बदलने की चर्चा हुई. अधिकारियों ने बताया कि एक जगह 90 डिग्री का कट आ रहा है. सड़क 60 मीटर चौड़ी है. दूसरा कान्ह नदी के पास एक कॉलोनी की अनुमति है , जो सड़क चौड़ाई में बाधक है. दोनों बिंदुओं पर शुक्ल ने टीएनसीपी के अधिकारियों को तुरंत डिस्पोजल करने का कहा, ताकि महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण नहीं रुके. साथ ही आईडीए के लिए भी सुपर कॉरिडोर पर हाईराइज बिल्डिंग निर्माण का रास्ता खुल गया है। आईडीए भी सुपर कॉरिडोर पर योजना 134 और 140 की तरह हाईराइज बिल्डिंग बनाने का प्रस्ताव तैयार करेगा.
मेट्रो का काम समय सीमा में करें
मैट्रो रेल को लेकर प्रमुख सचिव ने स्पष्ट किया की बचे 16 स्टेशन और मालवीय नगर तक चलाने का काम समय सीमा तय पूर्ण करे. निर्माण एजेंसी को लक्ष्य दे कि ई समय में यह काम पूरा करना ही है. शुक्ल कल बैठक में सभी विभागों के अधिकारियों को विकास बाधक जो भी समस्या है, उसका तुरत हल करने का निर्देश देने के साथ देरी करने वाले विभाग की चेतावनी भी दे गए. कल की बैठक के बाद इंदौर के विकास को लेकर प्रमुख सचिव के तेवर कड़क नजर आएं. ऐसा लगता है, इंदौर के जितने मामले रुके है , जल्द ही उनका निराकरण कर दिया जाएगा. यह बात अलग है कि मास्टर प्लान को लेकर कोई चर्चा नहीं की गई. बैठक में सिर्फ निर्माणाधीन और प्रस्तावित निर्माण की चर्चा हुई.
