
परासिया। नगर परिषद चांदामेटा में शासन की विशेष योजना के तहत वितरित किए जाने वाले पट्टों की प्रक्रिया छोटे और बड़े झाड़ मद की भूमि के विवाद में अटक गई है। इस कारण नगर के सैकड़ों परिवार पट्टा सर्वेक्षण की सूची से बाहर हो गए हैं और उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
नगर परिषद अध्यक्ष गोविंद बाजोलिया ने इस संबंध में एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देशानुसार नगर परिषद चांदामेटा-बुटरिया के कर्मचारियों और हल्का पटवारी द्वारा पट्टा सर्वे का कार्य किया गया, लेकिन सर्वे के दौरान कई परिवारों को छोटे व बड़े झाड़ मद की भूमि पर निवासरत बताकर अपात्र घोषित कर दिया गया।
नप अध्यक्ष ने कहा कि जिन क्षेत्रों में वर्तमान में लोगों को अपात्र ठहराया जा रहा है, उन्हीं इलाकों में पूर्व में शासन द्वारा कई व्यक्तियों को पट्टे जारी किए जा चुके हैं। साथ ही क्षेत्र के अनेक परिवार पिछले 50 से 60 वर्षों से शासकीय भूमि पर बने मकानों में निवास कर रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें भी छोटे-बड़े झाड़ मद की भूमि का हवाला देकर पट्टे से वंचित किया जा रहा है।
गोविंद बाजोलिया ने एसडीएम से मांग की है कि छोटे एवं बड़े झाड़ मद की भूमि पर वर्षों से निवासरत परिवारों को पट्टा सर्वे सूची में शामिल किया जाए और उन्हें शीघ्र पट्टा जारी किया जाए, ताकि पात्र परिवारों को शासन की योजना का लाभ मिल सके।
