
रीवा, वोट बचाओ-देश बचाओ आंदोलन के तहत आज जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष इंजी. राजेन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में इंडिया गठबंधन के सभी घटक दलों के प्रमुख नेताओं, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में विरोध मार्च निकाला गया.
इस दौरान लोकतंत्र एवं संविधान की रक्षा, मताधिकार की सुरक्षा तथा निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई. कमिश्नर कार्यालय में ज्ञापन सौंपने के दौरान जमकर नारेबाजी हुई. दरअसल नेताओं का कहना था कि ज्ञापन लेने खुद कमिश्नर गेट पर आए. कमिश्नर के न आने पर सभी गेट पर ही धरने में बैठ गये. बाद में अपर कमिश्नर ज्ञापन लेने पहुंचे. कार्यक्रम की शुरुआत मानस भवन से हुई, जहां इंडिया गठबंधन के विभिन्न घटक दलों के नेता एवं कार्यकर्तागण एकत्रित हुए. सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने केंद्र की मोदी सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने तथा संविधान की मूल भावना के विपरीत कार्य करने का आरोप लगाया. वक्ताओं ने निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाए और उनसे तत्काल पद से इस्तीफा देने की मांग की. सभा को महापौर अजय मिश्रा, पूर्व विधायक राजेन्द्र मिश्रा, विद्यावती पटेल, रामगरीब बनवासी, बृजभूषण शुक्ला, कुंवर सिंह, एड. वीरेन्द्र सिंह, महेश्वरी त्रिपाठी, रामेश्वर सोनी, कान्ति कुमार दुबे, रामानुज तिवारी, सौरभ मिश्रा, गिरिजेश सिंह सेंगर, लालमणि त्रिपाठी, अजय तिवारी, रामजीत सिंह, अमित सोहगौरा, हर्षलाल शुक्ला, सिद्धनाथ पाण्डेय ने सम्बोधित किया.
अपर आयुक्त को सौंपा मांगों का ज्ञापन
इंडिया गठबंधन के नेताओं ने संभागायुक्त को ज्ञापन लेने के लिए आमंत्रित किया, लेकिन उनके स्वयं ज्ञापन लेने नहीं आने पर नाराजगी व्यक्त की. गठबंधन के नेताओं के अनुसार, संभागायुक्त द्वारा ज्ञापन लेने से इनकार किए जाने और उनके पीछे के दरवाजे से कार्यालय से निकल जाने की जानकारी मिलने पर उपस्थित कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया. इसके बाद सभी नेता एवं कार्यकर्ता बैरिकेडिंग के बाहर धरने पर बैठ गए और मांग की कि संभागायुक्त स्वयं उपस्थित होकर ज्ञापन प्राप्त करें. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि संभागायुक्त स्वयं ज्ञापन लेने नहीं आते हैं, तो गठबंधन के कार्यकर्ता कार्यालय के भीतर जाकर चपरासी को ज्ञापन सौंपेंगे अथवा उसे कार्यालय की दीवार पर चस्पा करेंगे. काफी देर तक चले घटनाक्रम के बाद अपर आयुक्त रीवा संभाग मौके पर पहुंचे और उन्होंने बताया कि संभागायुक्त मुख्य सचिव के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में व्यस्त हैं. इसके बाद सभी नेताओं की सहमति से राष्ट्रपति को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन तथा संभागायुक्त के नाम स्थानीय समस्याओं से संबंधित नौ सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया.
