नयी दिल्ली, 11 जनवरी (वार्ता) गुरु तेग बहादुर से जुड़े विवाद को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे आम आदमी पार्टी (आप) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज सहित कई नेताओं को रविवार को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
यह विरोध प्रदर्शन राष्ट्रीय राजधानी के भाजपा मुख्यालय के पास किया गया था, जहां आप नेताओं ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से माफी की मांग की। आप विधायक संजीव झा ने कहा, “भाजपा को गुरु तेग बहादुर से जुड़े फर्जी वीडियो प्रसारित करने के लिए माफी मांगनी चाहिए। यह उनकी ओछी राजनीति को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य दिल्ली के असली मुद्दों से ध्यान भटकाना है।”
उन्हाेंने भाजपा पर गुरु का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता इसे कभी माफ नहीं करेगी और सभी भाजपा नेताओं से माफी मांगने की अपील की। आप नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी का फर्जी वीडियो प्रसारित किए जाने का आरोप लगाया है।
इससे पहले, वीडियो क्लिप के आधार पर दिल्ली भाजपा नेताओं, जिनमें कानून मंत्री कपिल मिश्रा भी शामिल हैं, ने आरोप लगाया था कि विधानसभा में बहस के दौरान सुश्री आतिशी ने गुरु तेग बहादुर का अपमान किया। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस कथित घटना को लेकर पूरी आप नेतृत्व से माफी की मांग की थी। उन्होंने कहा कि जब श्री मिश्रा ने यह मुद्दा उठाया, तो आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब पुलिस के जरिए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई, जबकि पंजाब पुलिस को ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं था। उन्होंने कहा कि अपनी सफाई में सुश्री आतिशी ने भाजपा पर नौवें सिख गुरु का नाम लेकर छोटी राजनीति करने का आरोप लगाया।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी एक वीडियो में स्पष्ट किया कि वह भाजपा द्वारा प्रदूषण जैसे मुद्दों पर चर्चा से बचने और विधानसभा में आवारा कुत्तों को लेकर किए गए उनके विरोध पर बात कर रही थीं। आप नेता ने कहा कि भाजपा ने जानबूझकर वीडियो में भ्रामक उप शीर्षक जोड़े और उसमें गुरु तेग बहादुर का नाम शामिल किया।
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह ऐसे परिवार से आती हैं जहां पीढ़ियों से सबसे बड़ा बेटा सिख धर्म अपनाता रहा है और उन्होंने कहा कि वह गुरु साहिब का अपमान करने के बजाय मर जाना पसंद करेंगी।
गौरतलब है कि शुक्रवार को जालंधर पुलिस आयुक्ता ने दिल्ली विधानसभा में सुश्री आतिशी के “एडिटेड” और “डॉक्टर्ड” वीडियो को अपलोड और प्रसारित करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी।
